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Search Result : "नक्‍सल हमला"

पाक की नापाक हरकत: मोदी सरकार पर कांग्रेस का हमला

पाक की नापाक हरकत: मोदी सरकार पर कांग्रेस का हमला

जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा के समीप पाकिस्तान द्वारा दो चौकियों पर हमले और दो भारतीय जवानों की जान लेकर उनके शवों को क्षत-विक्षत करने की घटना के बाद कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला है।
घर पर हुए हमले को मनोज तिवारी ने बताया बड़ी साजिश

घर पर हुए हमले को मनोज तिवारी ने बताया बड़ी साजिश

भारतीय जनता पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष और सांसद मनोज तिवारी के दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर रविवार रात हमला हुआ। हमले में मनोज तिवारी के स्टाफ के दो लोग घायल हो गए हैं। इस दौरान मनोज तिवारी घर पर मौजूद नहीं थे। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने ट्वीट लूट की जानकारी दी है।
सुकमा हमला: शहीद की बिलखती पत्‍नी बोली, कठपुतली जवानों को अधिकार दिए जाएं

सुकमा हमला: शहीद की बिलखती पत्‍नी बोली, कठपुतली जवानों को अधिकार दिए जाएं

भाजपा शासित छत्‍तीसगढ़ में सुकमा में हुए नक्‍सली हमले में 25 जवान शहीद हो गए। इन्‍हीं शहीदों में से एक की पत्‍नी ने कहा है कि सुरक्षा जवानों को एक तरह से कठपुतली बना कर रख दिया गया हैं।
सुकमा नक्सली हमला: धारदार हथियारों से नक्सलियों ने काटे जवानों के गुप्तांग

सुकमा नक्सली हमला: धारदार हथियारों से नक्सलियों ने काटे जवानों के गुप्तांग

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में हुए नक्सली हमले में शहीदों के शवों के साथ दिल दहला देने वाली बर्ताव की बात सामने आई है। जानकारी के मुताबिक नक्सली मुठभेड़ में शहीद हुए करीब 6 जवानों के गुप्तांगों को नक्सलियों द्वारा काट दिया गया।
नक्‍सली क्यों बने सड़कों के दुश्मन, क्यों हो रहे हैं जवानों पर हमले?

नक्‍सली क्यों बने सड़कों के दुश्मन, क्यों हो रहे हैं जवानों पर हमले?

नक्‍सलियों ने छत्‍तीसगढ़ में सीआरपीएफ के जवानों पर हमला किया। जिसमें 25 जवान शहीद हो गए। सीआरपीएफ के 74 वीं बटालियन के करीब 90 जवान सोमवार सुबह बुरकापाल में निर्माणाधीन सड़क की सुरक्षा के लिए गए थे। बुरकापाल में सड़क का काम लंबे अरसे से बंद था, लेकिन सीआरपीएफ की सिक्युरिटी में इसका काम फिर शुरू हुआ। सड़क बनाने का काम प्राइवेट ठेकेदार कर रहे है। ठेकेदार नक्सली हिंसा के भय के चलते जवानों की सुरक्षा में ही काम करते हैं।
नजरिया: नक्सलवाद से लड़ती सड़कों पर जवानोंं की शहादत

नजरिया: नक्सलवाद से लड़ती सड़कों पर जवानोंं की शहादत

इस बात में कोई संदेह नहीं कि सड़कें बहुत धीमी गति से नक्सलगढ़ की छाती पर सवार हो रही हैं और परिवेश बदल रहा है। भय का वातावरण सडकों के आसपास से कम होने लगा है।
भारी पड़ा नक्सल‌वाद को कमजोर समझना, आख‌िर कहां हुई चूक?

भारी पड़ा नक्सल‌वाद को कमजोर समझना, आख‌िर कहां हुई चूक?

छत्‍तीसगढ़ में नक्‍सलियों ने एक बाद फिर 26 सीआरपीएफ जवानों की हत्‍या कर दी है। पिछले पंद्रह सालों से भाजपा शासित इस राज्‍य में सैंकड़ों हमले हुए हैं। मुख्‍यमंत्री रमन सिंह हमेशा नक्‍सल समस्‍या को खतम कर लेने का दावा करते हैं लेकिन हर बार यहां जवानों को जान गंवानी पड़ती हैं।
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