देश में नक्सली अभी भी सबसे खतरनाक बने हुए हैं। अरातकतावादी माओवादी संगठनों ने पिछले साल आईईडी और दूसरे घातक हथियारों के उपयोग से सबसे ज्यादा सुरक्षा कर्मियों और नागरिकों की जान ली। नक्सलियों ने साल 2016 में सबसे ज्यादा आईईडी धमाके किए।
ऑस्ट्रेलियाई पुलिस ने इस्लामिक स्टेट द्वारा मेलबर्न के प्रमुख स्थलों पर सिलसिलेवार ढंग से बम विस्फोट करने के लिए रची गई साजिश को नाकाम कर दिया है। पुलिस ने शहर भर में छापे मारकर सात लोगों को गिरफ्तार किया है।
बंबई उच्च न्यायालय ने व्यवस्था दी है कि सूचना के अधिकार कानून के तहत राज्य मुख्य सूचना आयुक्त को शक्ति है कि वह आयोग के काम-काज सुचारू रूप से चलाने के लिए राज्य सूचना आयुक्तों का तबादला एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में कर सकता है।
हाजी अली दरगाह ट्रस्ट ने आज उच्चतम न्यायालय को बताया है कि पुरूषों की ही तरह महिलाओं को भी मुंबई स्थित हाजी अली दरगाह के मुख्य स्थान पर प्रवेश दिया जाएगा। इसके साथ ही ट्रस्ट ने जरूरी अवसंरचनात्मक बदलाव करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा है।
भारत की आजादी के समारोह को बाधित करने की कोशिश आतंकवादी हर वर्ष करते हैं और उन्हें हर बार मुंह की खानी पड़ती है। इस बार भी आतंकी अपनी कोशिश से बाज नहीं आए हैं और इस बार भी उन्हें भारतीय सुरक्षा बलों से टकराना पड़ा है।
थाईलैंड के फुकेत सहित मशहूर पर्यटक शहरों में कुछ घंटों के भीतर हुए सिलसिलेवार बम विस्फोटों में चार लोगों की मौत हो गई है और कई अन्य घायल हो गए हैं। यह विस्फोट देश में सैन्य समर्थित संविधान स्वीकार करने के एक दिन बाद हुई है। पिछले 24 घंटों में कम से कम 11 बम विस्फोट हुए। इनमें से अधिकांश दोहरे विस्फोट थे जिनमें से पांच दक्षिणी प्रांतों में हुए हैं।
फीस जमा नहीं कर पाने पर स्थानीय स्कूल द्वारा एक बच्चे को दाखिला देने से इनकार करने पर बंबई उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश ने किस्त में फीस लेने का निर्देश देते हुए कहा कि अगर यह संभव नहीं है तो वह खुद अपनी जेब से बच्चे की फीस जमा करने के लिए तैयार हैं।
बम्बई उच्च न्यायालय ने एक तीखी टिप्पणी में शुक्रवार को कहा कि सेंसर बोर्ड को बहुत अधिक बाल की खाल नहीं निकालनी चाहिए ताकि फिल्म उद्योग में रचनात्मक लोग बढ़ सकें। अदालत ने इसके साथ ही कहा कि उड़ता पंजाब के निर्माताओं को अपशब्दों वाले एवं अश्लील दृश्यों को नरम करना चाहिए क्योंकि केवल इन्हीं से फिल्म नहीं चलती। न्यायमूर्ति एस. सी. धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति शालिनी फनसालकर जोशी की एक खंड़पीठ ने कहा कि वह मामले पर 13 जून को आदेश पारित करेगी।