चुनाव प्रचार में नेताओं के भाषण को लेकर चुनाव आयोग ने नाराजगी जाहिर की है। आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को नोटिस जारी करते हुए भाषणों पर संयम बरतने के निर्देश दिए हैं।
केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को निर्देश देते हुए कहा है कि महात्मा गांधी की हत्या पर जेएल कपूर आयोग की रिपोर्ट पर की गई कार्रवाई का खुलासा किया जाए। इसमें कथित तौर पर कहा गया है कि सबूत केवल इस ओर इशारा करते हैं कि वीर सावरकर और उनका समूह आपराधिक साजिश का हिस्सा था।
उत्तराखंड में हरिद्वार के रिषिकुल मैदान पर 10 फरवरी को नरेंद्र मोदी की बिना अनुमति के हुई चुनावी रैली को आचार संहिता का खुला उल्लंघन बताते हुए कांग्रेस ने चुनाव आयोग से इस संबंध में प्रधानमंत्री तथा रैली का आयोजन करने वाले भाजपा नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
चुनाव आयोग ने एक संगठन द्वारा किये गये एग्जिट पोल :मतदान बाद सर्वेक्षण: का प्रकाशन एक दैनिक समाचार पत्र में होने संबंधी खबर का संज्ञान लेते हुये सोमवार को कहा कि विधानसभा चुनावों की प्रक्रिया जारी रहने के मद्देनजर यह चुनाव संबंधी नियमों का उल्लंघन है।
उत्तर प्रदेश में पहले चरण के मतदान से पहले ही एग्जिट पोल का प्रकाशन करना दैनिक जागरण को भारी पड़ गया है। चुनाव आयोग ने दैनिक जागरण के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने जागरण के स्थानीय संपादक समेत अखबार के बड़े संपादकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। आयोग के आदेश के बाद दैनिक जागरण के संपादक पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी है।
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने सात सीमेंट कंपनियों पर बाजार में साठगांठ करके काम करने और निविदा के साथ खिलवाड़ करने के मामले में आज कुल करीब 206 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया।
कांग्रेस का चुनाव चिन्ह जब्त करने की मांग करते हुए भाजपा के चुनाव आयोग का रूख करने पर राहुल गांधी ने तंज कसते हुए ट्वीट किया कि प्रिय भाजपा, डरो मत। दरअसल, भाजपा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष ने एक भाषण के दौरान पार्टी के चिन्ह :हाथ: को धार्मिक शख्सियतों से जोड़ कर चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया है। राहुल ने ट्विटर पर लिखा, प्रिय भाजपा, डरो मत।
मुलायम और अखिलेश यादव के खेमे ने सपा के चुनाव चिन्ह साइकिल पर दावा करने के लिए चुनाव आयोग के पास दलीलें पेश की। हालांकि, आयोग ने इस मुद्दे पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
यूपी चुनाव के पहले दौर की वोटिंग में अब एक महीने का भी समय नहीं रह गया है लेकिन राज्य की सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के नेता अभी अपने चुनाव चिन्ह पर कब्जे की जंग में ही जुटे हैं। चुनाव आयोग के सामने पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खेमों की ओर से 'साइकिल' पर दावे किए गए। निर्वाचन आयोग ने हालांकि अपना फैसला सुरक्षित रखा है लेकिन साइकिल को लेकर बस तीन संभावनाएं बन रही हैं।
सपा में जारी विवाद के बीच सोमवार को पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और रामगोपाल यादव ने चुनाव आयोग के समक्ष साइकिल पर अपनी दावेदारी पेश की। चुनाव आयोग के समक्ष पहले मुलायम सिंह यादव, शिवपाल यादव और अमर सिंह के साथ पहुंचे। अखिलेश गुट की तरफ से रामगोपाल यादव चुनाव आयोग से मिलने पहुंचे।