लोढ़ा समिति की सिफारिशों का लागू करने के मकसद से बीसीसीआई ने सात सदस्यीय विशेष समिति का गठन किया है। कमेटी में आईपीएल के चेयरमेन राजीव शुक्ला और भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को भी शामिल किया गया है।
बीसीसीआई में अब भी लोढा समिति की सिफारिशों का प्रतिरोध जारी है और सूत्रों की मानें तो अब तक सिर्फ विदर्भ और त्रिपुरा की राज्य इकाइयों ने उच्चतम न्यायालय से स्वीकृत इन सुधारवादी सिफारिशों को जस का तस लागू करने का फैसला किया है।
उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद 21 राज्य इकाइयों ने पहले ही लोढा समिति को पुष्टि कर दी है कि वे सभी सुधारवादी कदमों को लागू करेंगे लेकिन इस बीच पूर्व अध्यक्षों एन श्रीनिवासन और अनुराग ठाकुर ने बेंगलुरू में अनौपचारिक बैठक में हाथ मिलाए।
उच्चतम न्यायालय के लोढ़ा समिति के सुधारों को लागू करने के आदेश के बाद राष्ट्रीय चयन पैनल में चयनकर्ताओं की संख्या कम होना तय है और ऐसे में गगन खोड़ा और जतिन परांजपे को अपने पद छोड़ने होंगे क्योंकि वे तय शर्तों को पूरा नहीं करते।
देश में 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट अमान्य करने के सरकार के फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर उच्चतम न्यायालय में कल सुनवाई होगी। इन याचिकाओं में कहा गया है कि सरकार के इस फैसले से नागरिकों के जीवन और व्यापार करने के साथ ही कई अन्य अधिकारों में बाधा पैदा हुई है।
उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त लोढा समिति ने आज भारतीय क्रिकेट बोर्ड को कहा कि इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) और बीसीसीआई के बीच प्रस्तावित समझौता पत्र आदेश का हिस्सा नहीं है और जब तक विस्तृत जानकारी नहीं मुहैया करायी जायेगी तब तक भुगतान पर कोई भी निर्देश जारी नहीं किये जा सकते।
देश के प्रधान न्यायाधीश तीरथ सिंह ठाकुर ने आज कहा कि न्यायिक नैतिकता के साथ कभी भी समझौता नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि असामान्य घटनाओं से पूरी न्याय प्रणाली की छवि खराब हो सकती है। इसके साथ ही उन्होंने न्यायाधीशों से कहा कि उन्हें उनकी सत्यनिष्ठा के बारे में लोगों की धारणा के बारे में आत्मचिंतन करना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने लोढ़ा पैनल की सिफारिशों पर अपना फैसला सोमवार को सुरक्षित रख लिया। सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही बीसीसीआई को फटकार लगाते हुए कहा कि बीसीसीआई बताए कि लोढ़ा कमिटी की सिफारिशों को वो कब तक लागू करेंगे। कोर्ट ने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ही अब ये तय करेगा कि क्या क्रिकेट के लिए बीसीसीआई प्रशासक नियुक्त किया जाए या बीसीसीआई को और वक्त दिया जाए कि वो लिखित में जिम्मेदारी व्यक्त करेंं कि वो लोढ़ा पैनल की सिफारिशों को तय वक्त में लागू करेंंगे। इससे पहले बीसीसीआई प्रेसीडेंट अनुराग ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनाम देते हुए पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान में आईसीसी चेयरमैन शशांक मनोहर को भी इस मामले में लपेट लिया।