लॉ कमीशन ने शादियों के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य बनाने की सिफारिश की है। साथ ही सरकार से मैरिज रजिस्ट्रेशन को आधार से लिंक करने पर भी विचार करने की बात कही है।
दुनिया का सबसे पुराना टेनिस टूर्नामेंट विंबलडन 3 जुलाई से शुरू हो गया। ग्रास कोर्ट पर खेले जाने वाले इस टूर्नामेंट ने इस साल अपने 140 साल पूरे कर लिए हैं।
एनडीटीवी के प्रमोटर प्रणय रॉय पर हुई सीबीआई की कार्रवाई को लेकर कुछ नेताओं के बयान आए हैं। वहीं कुछ नेताओं ने चुप्पी साध ली है। जहां मीडिया जगत में इस कार्रवाई को दुर्भावनापूर्ण हमला माना जा रहा है, वहीं राजनीतिक हलकों में भी कुछ नेता प्रणय रॉय और एनडीटीवी के समर्थन में उतर आए हैं। लेकिन कई बड़े नेता जो अक्सर अलग-अलग मसलों पर ट्वीट करते रहते हैं उनका यहां मौन रहना समझ से परे है।
हिंसा की आग में पिछले कई दिनों से सुलग रहे सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव में शुक्रवार को पहली बार खुशी का महौल देखने को मिला। इस खुशी का कारण कुछ और नहीं बल्कि एक दलित परिवार में दो बहनों की शादी को लेकर था। शादी की वजह से गांव में कई दिनों के बाद खुशी का माहौल दिखा।
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक ऐसा अजीबो गरीब वाकया हुआ, जो शादी टूटने का कारण बन गया। शादी टूटने का कारण दहेज या कोई अफेयर नहीं बल्कि एक रसगुल्ला बन गया। यूं कहे तो इस शादी में सिर्फ एक रसगुल्ला सबसे बड़ा विवाद बन गया।
मणिपुर की मानवाधिकार कार्यकर्ता इरोम शर्मिला जल्द ही अपने लंबे समय तक के साथी डेसमंड कोउटिनहो के साथ शादी करने जा रही हैं। अभी तमिलनाडु में रह रही इरोम का कहना है कि वह जुलाई के अंत तक तमिलनाडु में ही शादी करेंगी।
कॉमेडियन कपिल शर्मा और सुनील ग्रोवर के बीच हाल में हुए झगड़े को लेकर आए दिन चर्चाएं बनी हुई हैं। इस पर कॉमेडियन एवं अभिनेता कृष्णा ने कहा कि दोनों के बीच झगड़ा एक सामान्य बात है लोग दोस्ती में कई बार ऐसे उतार-चढ़ावों से गुजरते हैं।
मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले के माना गांव में आजादी के बाद पहली बार दलित समाज के एक युगल की शादी में बैंड बाजे के साथ धूमधाम से बारात निकाली गई, लेकिन इसके लिए सरकार को सशस्त्र पुलिस बल तैनात करनी पड़ी।
कोहिनूर को ब्रिटेन से वापस लाने की याचिका की सुनवाई उच्चतम न्यायालय ने बंद कर दी है। न्यायालय ने केंद्र सरकार का यह पक्ष स्वीकार कर लिया कि वह ब्रिटेन से कोहिनूर हीरा वापस लाने के तरीकों का पता लगा रही है। न्यायालय ने कहा कि हम केंद्र के जवाब से संतुष्ट हैं इसलिए इस मामले में कोर्ट को आगे सुनवाई की जरूरत नहीं है।