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मीडिया पर रोक के खिलाफ प्रेस परिषद ने सरकार को  लिखा पत्र

मीडिया पर रोक के खिलाफ प्रेस परिषद ने सरकार को लिखा पत्र

केंद्र सरकार ने सर्कुलर निकाल कर जिस तरह से पत्रकारों को सरकारी अधिकारियों से सीधे मिलने में रोक लगाई है, उस पर प्रेस परिषद से बकायदा पत्र लिख, अपनी चिंता का इजहार किया है
मीडिया पर पाबंदी का नया दौर

मीडिया पर पाबंदी का नया दौर

शासन-प्रशासन की खामियों को छिपाने के लिए यूं तो सरकारें गाहे-बगाहे प्रयास करती रहती हैं मगर ऐसा प्रयास दबे-छिपे ही किया जाता रहा है। कभी किसी सरकार ने शासन की खबरों को मीडिया तक पहुंचने के लिए ऐसा रास्ता नहीं अपनाया कि सरकारी विभागों में मीडिया को ही एक तरह से बैन कर दिया जाए।
यूपी में पत्रकार की मां को जिंदा जलाया, पुलिस पर आरोप

यूपी में पत्रकार की मां को जिंदा जलाया, पुलिस पर आरोप

यूपी में पत्रकार जगेंद्र सिंह के बाद अब एक पत्रकार की मां को कथित तौर पर जिंदा जलाकर मार डालने का मामला सामने आया है। दो पुलिसवालों पर रेप की कोशिश और जिंदा जलाने का आरोप लगाने वाली इस महिला ने आज सुबह दम तोड़ दिया।
समीक्षा – टनकपुर का कानून

समीक्षा – टनकपुर का कानून

पत्रकार से फिल्म निर्देशक बने विनोद कापड़ी की पहली फिल्म मिस टनकपुर हाजिर हो बॉक्स ऑफिस के कमाई के रिकॉर्ड तोड़ पाएगी या नहीं यह तो वक्त बताएगा, लेकिन अपनी पहली ही फिल्म में विनोद कापड़ी ने बता दिया है कि यह एक जरूरी फिल्म है।
जाने-माने पत्रकार प्रफुल्‍ल बिदवई का एम्‍सटर्डम में निधन

जाने-माने पत्रकार प्रफुल्‍ल बिदवई का एम्‍सटर्डम में निधन

वामपंथी विचारधारा के जाने-माने पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता प्रफुल्‍ल बिदवई का एम्‍सटर्डम में निधन हो गया है। एक रेस्तरां में मांस का एक टुकड़ा उनके गले में फंस गया और उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
जगेंद्र की मौत पर केंद्र व यूपी से जवाब तलब

जगेंद्र की मौत पर केंद्र व यूपी से जवाब तलब

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में पत्रकार जगेन्द्र सिंह को कथित तौर पर जिंदा जलाकर मारने के मामले में सु्प्रीम कोर्ट ने केंद्र और यूपी सरकार से जवाब मांगा है।
यूपी के बाद महाराष्‍ट्र में पत्रकार काे जिंदा जलाया

यूपी के बाद महाराष्‍ट्र में पत्रकार काे जिंदा जलाया

यूपी में एक पत्रकारों को जिंदा जलाए जाने की घटना के बाद अब महाराष्‍ट्र में खनन माफिया द्वारा एक पत्रकार को जिंदा जलाने का मामला सामने आया है। मारा गया पत्रकार मध्य प्रदेश के बालाघाट का रहने वाला था और खनन माफिया और चिटफंड घोटालों के खिलाफ लगातार खबरें दे रहा था। उसका मध्‍य प्रदेश के बालाघाट से अपहरण हुआ था और उसे नागपुर ले जाकर जिंदा जलाया गया।
जगेन्द्र सवाल उठाता था, सत्ता ने मार दिया

जगेन्द्र सवाल उठाता था, सत्ता ने मार दिया

शाहजहांपुर के पत्रकार जगेन्द्र सिंह ने अपने मृत्‍युपूर्व बयान में खनन माफिया, स्मैक तस्करी और बलात्कार व हत्या आरोपी उत्तर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा के इशारे पर पुलिस द्वारा उन्‍हें जिंदा जलाने की बात कही थी। इस घटना ने पूरे देश को सकते में डाल दिया है। लेकिन मामले में नामजद होने के बावजूद अभी तक मंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा को गिरफ्तार नहीं किया गया है। आखिरकार जगेन्‍द्र की मौत के जिम्‍मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए उनके पूरे परिवार को अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठने को मजबूर होना पड़ा। परिवार के सदस्यों का आरोप है कि राज्यमंत्री राममूर्ति वर्मा उन पर मुकदमा वापस लेने का दबाव डलवा रहे हैं।
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