पाकिस्तान में एक सैनिक की शहादत ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है। दरअसल पाकिस्तान की सुरक्षा करते हुए शहीद हुआ सैनिक एक हिंदू था। सोशल मीडिया पर इस शहादत की कहानी वायरल हो रही है।
कश्मीर की मुश्किलों पर बात करते हुए आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने कहा है कि पत्थरबाजों को पत्थर की जगह गोलियां चलानी चाहिए। उन्होंने कहा, “सच्चाई तो ये है कि इन लोगों (पत्थरबाजों) को हम पर पत्थर फेंकने की जगह फायरिंग करनी चाहिए। तब मुझे ज्यादा खुशी होगी। क्योंकि, तब मैं वो कर पाउंगा जो करना चाहता हूं।”
बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने ‘भीम आर्मी’ पर बयान दिया है। सहारनुपर में हुई हिंसा के बाद चर्चा में आए ‘भीम आर्मी’ को बसपा के साथ जोड़कर देखे जाने का मायावती ने खंडन किया है।
भारतीय महिला उज्मा पाकिस्तान से भारत लौट आई हैं। उज्मा पाकिस्तान में जबरदस्ती शादी का शिकार हुई थीं। बाघा बॉर्डर में उन्हें दो भारतीय अधिकारियों ने रिसीव किया। इस मौके पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर उज्मा का स्वागत किया है।
सीआरपीएफ के एक आईजी ने चौंकाने वाला दावा किया है। असम के सुरक्षा बलों और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए आईजी ने एक फर्जी एनकाउंटर किए जाने की बात कही है।
मिलिट्रीइंटेलीजेंस लाइजन यूनिट जोधपुर और आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने सेना में भर्ती कराने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार ठगों को गिरफ्तार किया है। एटीएस ने ठगों के पास से 1.79 करोड़ रुपये की नकदी भी बरामद की है।
भारतीय सेना ने लगातार हो रही घुसपैठ के मद्देनजर पाकिस्तानी सेना के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सेना द्वारा नौशेरा में की गई कार्रवाई से पाकिस्तान की चौकियों को नुकसान पहुंचा है। नौशेरा सेक्टर में 20 और 21 मई को यह ऑपरेशन चलाया गया।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवोज शरीफ को सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन और लाहौर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने सात दिनों में सत्ता छोड़ने की चेतावनी दी है। वकीलों का कहना है यदि उन्होंने सात दिनों में सत्ता नहीं छोड़ी, तो वे उनके खिलाफ देशभर में आंदोलन करेंगे।
पाकिस्तान से तनावपूर्ण संबंध के बाद वायुसेना प्रमुख बीएस धनोवा ने 12000 सैनिकों को एक खुला खत लिखा है। जिसमें उन्होंने सैनिकों को युद्ध जैसी परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहने को कहा है।
भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव मामले में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस का फैसला आने के बाद कई सवाल भी उठने लगे हैं। एक तरफ जहां भारत इसे अपनी रणनीतिक जीत की तरह देख रहा है तो वहीं पाकिस्तान के द्वारा इस फैसले को मानने अथवा नहीं मानने पर भी संशय जारी है। ऐसे में उन घटनाओं की ओर ध्यान जाना लाजिमी है जब अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय अदालत के निर्णयों को अमल नहीं किया।