लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन आज आमतौर पर संसद में अलग-अलग मामलों पर दंगल करने वाले सांसदों को आमिर खान की फिल्म ‘दंगलट दिखाएंगी। इसके लिए लोकसभा स्पीकर ने सदन में ही विशेष इंतजाम किए गए हैं।
कार्यपालिका और न्यायपालिका की भूमिकाओं के बीच अंतर को रेखांकित करते हुए वित्त मंत्री अरूण जेटली ने आज कहा कि जनता का धन कैसे खर्च किया जाए, इसकी मंजूरी देने का अधिकार केवल संसद को है और वही यह कानून बना सकती है कि सांसदों को कितनी पेंशन दी जा सकती है।
सांसदों के लिए कल अभिनेता अमिर खान अभिनीत फिल्म दंगल का प्रदर्शन किया जायेगा जिसमें न केवल महिला सशक्तीकरण का संदेश दिया गया है बल्कि यह मनोरंजन से भी भरपूर है।
यूपी का सीएम बनने के बाद मंगलवार को योगी आदित्यनाथ संसद पहुंचे। योगी ने कहा कि पीएम मोदी के सपनों का उत्तर प्रदेश होगा। पीएम मोदी के शासन से उत्तर प्रदेश में उत्साह का नया ढांचा है। सबका साथ सबका विकास की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में नई सरकार काम करेगी।
केंद्रीय कैबिनेट ने आज गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) के अनुपूरक बिलों को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट की तरफ से मंजूरी मिलने के बाद इन बिलों को संसद में पेश किया जाएगा। इन बिलों के पास होने के बाद जीएसटी को कानूनी आधार मिल जाएगा और 1 जुलाई से इसे लागू करना आसान हो सकेगा।
राज्यसभा में विपक्षी सदस्यों ने पेट्रोल पंपों पर ईंधन खरीदने के बाद क्रेडिट कार्ड से भुगतान किए जाने पर ट्रांजेक्शन सरचार्ज लगाए जाने तथा एटीएम से रुपये निकालने पर नये अधिभार लगाए जाने को लेकर चिंता जाहिर की।
रिलायंस कम्युनिकेशंस को बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड (सेबी) एवं शेयर बाजारों से अपने वायरलेस कारोबार को अलग कर एयरसेल लिमिटेड में मिलाने की मंजूरी मिल गई है।
अमेरिकी सीनेट ने ट्रंप प्रशासन में स्वास्थ्य देखभाल से संबंधित एक शीर्ष पद के लिए भारतीय मूल की अमेरिकी नागरिक सीमा वर्मा के नाम को मंजूरी दे दी। सीनेट ने 43 के मुकाबले 55 वोट से वर्मा के नाम को मंजूरी दी। व्हाइट हाउस ने उन्हें निर्विवाद रूप से योग्य बताया है।
लोकसभा चुनाव में हारने के बाद राज्यसभा के रास्ते सांसद बनने पर रोक लगाने संबंधित याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने सवालिया निशान उठाए हैं। न्यायमूर्ति जीएस सिस्तानी और विनोद गोयल की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता से कहा कि कानून बनाना और उसमें बदलाव करना न्यायपालिका का काम नहीं है, इसके लिए सरकार को चुना जाता है। न्यायपालिका केवल इस बात की समीक्षा कर सकती है कि यह कानून देश के बुनियादी ढांचे व संविधान के अनुरूप बनाए गए हैं या नहीं।