रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद के सबसे उम्रदराज पैरवीकार हाशिम अंसारी के बुधवार को हुए निधन से मुसलमानों और हिन्दुओं समेत पूरे समाज में दुख का माहौल है। विवादित ढांचा विवाद के आखिरी मूल वादी अंसारी ने कभी भी मुद्दे को लेकर सियासत नहीं की। सारी जिंदगी मुकदमे की पैरवी में निकाल देने वाले अंसारी को समाज का हर वर्ग और तबका सम्मान की नजर से देखता था।
कश्मीर घाटी के हालात पर चर्चा के लिए भाजपा महासचिव राम माधव बुधवार की शाम श्रीनगर पहुंचे। घाटी में जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए माधव मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से मुलाकात करेंगे।
घाटी में अशांति के लिए पाकिस्तान को दोषी ठहराते हुए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि कश्मीरी हमारे अपने लोग हैं जिन्हें बरगलाया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने जनमत संग्रह को अप्रासंगिक करार देते हुए भरोसा दिलाया कि वहां की स्थिति से निपटने में सरकार सबको साथ लेकर चलेगी।
केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्राी रामविलास पासवान ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद के उस दावे को गलत बताया, जिसमें उन्होंने कहा था कि लोजपा सुप्रीमो ने बिहार के विकास से संबंधित उनके ट्वीट को लाइक किया है। लालू ने ट्वीट कर कहा था कि बिहार की विकास दर :15.6 प्रतिशत: भाजपा शासित विकसित प्रदेशों से अधिक है। उन्होंने यह भी कहा था कि पासवान ने उनके ट्वीट को लाइक किया है।
छह दिवसीय संघ की बैठक इन दिनों चर्चा में है। मिशन यूपी और मिशन मंदिर पर भी मंथन हो रहा है। ऐसा पहली बार हुआ है कि संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉ. मनमोहन वैद्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कार्यक्रम और उद्देश्यों के बारे में बात की।
उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री आज़म खान ने भाजपा पर एक बड़ा हमला बोला है। उन्होंने प्रदेश के स्याना में एक समारोह में से इतर पत्रकार वार्ता में कहा कि भाजपा पूरे देश का माहौल खराब कर रही है। यूपी में चुनाव के लिए भाजपा को कोई मुद्दा मिल नहीं रहा है। लिहाजा वह यूपी में दंगे कराने की फिराक में है।
पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री राम जेठमलानी ने रविवार को कहा कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में विदेशी बैंकों में जमा कालाधन वापस लाने समेत तमाम वादों के मद्देनजर उन्होंने नरेंद्र मोदी का सहयोग किया था लेकिन अब वह खुद को इसके लिए गुनहगार और ठगा हुआ महसूस करते हैं।
प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने पहली बार भारतीय मीडिया को इंटरव्यू दिया। जिस पर सोशल मीडिया में चर्चा जारी है। अधिकांश लोगों की राय है कि ज्वलंत मसलों पर टाइम्स नाउ के अर्नब गोस्वामी ने पीएम मोदी को अटैैक नहीं किया। लिहाजा यह इंटरव्यू भी एक खानापूर्ति ही साबित होकर रह गया।