राष्ट्रीय चयनकर्ताओं को अच्छी टीमों के चयन करने का पुरस्कार मिला है। पिछले दो वर्षों में पुरुष टीम ने लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। वहीं महिला टीम ने भी विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया था।
अगले एक दो साल में पतंजलि सबसे बड़ा स्वदेशी ब्रांड बन जाएगा। मौजूदा समय में पतंजलि की करीब 30 हजार करोड़ सालाना की उत्पादन क्षमता है और अगले साल यह क्षमता 60 हजार करोड़ तक पहुंच जाएगी। पिछले साल इसका टर्नओवर 10561 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।