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मथुरा में अतिक्रमण हटाने गई पुलिस पर गोलीबारी, एसपी सिटी समेत 21 की माैैत

मथुरा में अतिक्रमण हटाने गई पुलिस पर गोलीबारी, एसपी सिटी समेत 21 की माैैत

उत्तर प्रदेश के मथुरा में अतिक्रमणरोधी एक अभियान के दौरान हुई हिंसा में शहर पुलिस अधीक्षक तथा एक थाना प्रभारी सहित 21 लोगों की मौत हो गई। हिंसा और गोलीबारी में 40 से अधिक लोग घायल हो गए। हमले में 19 अतिक्रमणकारियों की भी मौत हुई है।
गुजरात दंगा : गुलबर्ग सोसायटी हत्‍याकांड साजिश नहीं, भाजपा नेता सहित 36 बेगुनाह

गुजरात दंगा : गुलबर्ग सोसायटी हत्‍याकांड साजिश नहीं, भाजपा नेता सहित 36 बेगुनाह

गुजरात दंगों के गुलबर्ग सोसायटी हत्याकांड पर विशेष अदालत ने गुरुवार को फैसला सुनाते हुए 24 लोगों को दोषी ठहराया है। अदालत ने मामले में 36 लोगों को बेगुनाह माना है। कोर्ट ने जिन 36 लोगों को बरी किया है उनमें एक पुलिस इंस्पेक्टर और भाजपा पार्षद भी शामिल है। अदालत ने कहा कि 34 आरोपियों को सबूतों की कमी की वजह से बरी किया गया है। अदालत ने कहा कि यह घटनाक्रम साजिश के तहत नहीं हुआ। मामले में सजा 6 जून को मुकर्रर की जाएगी।
आधा न्‍याय मिला और वो भी चौदह साल में, ऊपरी अदालत जाऊंगी

आधा न्‍याय मिला और वो भी चौदह साल में, ऊपरी अदालत जाऊंगी

गुजरात दंगों के गुलबर्ग सोसाइटी हत्‍याकांड मामले में विशेष अदालत के फैसले पर दंगों की पीड़िता जाकिया जाफरी आहत हैं। उन्‍होंने इस पर गहरा असंतोष जाहिर किया है। जाफरी ने कहा कि अदालत का फैसला एक तरह से आधा न्याय है। जिसेे मिलने में 14 साल लग गए।
जाट हिंसा: हरियाणा में जितनी सेना तैनात थी उससे पाक से लड़ाई हो सकती थी

जाट हिंसा: हरियाणा में जितनी सेना तैनात थी उससे पाक से लड़ाई हो सकती थी

हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा पर गठित की गई कमेटी के अध्‍यक्ष बीएसएफ के पूर्व डायरेक्‍टर जनरल प्रकाश सिंह ने अपनी रिपोर्ट में दंगा रोकने में नाकाम राज्‍य प्रशासन के करीब 80 अधिकारियों का नाम शामिल किया है। इनमें पांच आईएएस तथा पांच आईपीएस अधिकारी भी हैं। सेना की मौजूदगी को गंभीरता से लेते हुए कमेटी ने कहा कि पाकिस्‍तान के साथ एक छोटे युद़ध में जितनी सेना लगार्इ्र जा सकती है, उतने जवान हरियाणा में उतार दिए गए थे।
सिगरेट-शराब का सेवन और केश कटवाने वाले सिख नहीं कर सकेंगे मतदान

सिगरेट-शराब का सेवन और केश कटवाने वाले सिख नहीं कर सकेंगे मतदान

राष्ट्रपति द्वारा हाल ही में संसद द्वारा पारित किए गए एक विधेयक को मंजूरी देने के साथ ही अब दाढ़ी और केश कटा चुके, धूम्रपान करने वाले या शराब पीने वाले लोग सिखों के धार्मिक निकायों के चुनाव में वोट नहीं डाल सकते।
पंजाब चुनाव पर कांग्रेस का दांव, सिख दंगों पर माफी मांगेंगे टाइटलर

पंजाब चुनाव पर कांग्रेस का दांव, सिख दंगों पर माफी मांगेंगे टाइटलर

पंजाब चुनाव को ध्‍यान में रखते हुए कांग्रेस ने अपना दांव खेल दिया है। सिख वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिए कांग्रेस ने रणनीति तैयार की है। जिसके तहत कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता जगदीश टाइटलर 1984 सिख विरोधी दंगे में माफी मांगने को तैयार हैं।
मोदी सरकार के खिलाफ दाऊद इब्राहिम ने रची थी साजिश

मोदी सरकार के खिलाफ दाऊद इब्राहिम ने रची थी साजिश

अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम ने देश में सांप्रदायिक तनाव फैलाने की बेहद घृणित साजिश रची थी और उसके गुर्गे देशभर में सांप्रदायिक तनाव पैदा करना चाहते थे।
जगदीश टाइटलर पर हमला, आरोपी युवक गिरफ्तार

जगदीश टाइटलर पर हमला, आरोपी युवक गिरफ्तार

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जगदीश टाइटलर के साथ एक सिख युवक द्वारा कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि उक्त युवक ने टाइटलर के साथ गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की।
शालिनी ईद की सेवइयों, यास्मीन दिवाली की मिठाई बाट जोहती है

शालिनी ईद की सेवइयों, यास्मीन दिवाली की मिठाई बाट जोहती है

दादरी के बिसहड़ा गांव में गोमांस रखने की अफवाह के कारण हुई अखलाक अहमद की हत्या से बेशक चारों ओर नफरत का धुंआ फैल रहा है लेकिन नफरत के गहराते काले धुंए में भी दिल को सुकून देने वाली हिंदू-मुस्लिम मोहब्बत की कई मिसालें कायम हैं। हाल ही में मिर्जापुर दौरे के दौरान ऐसी ही एक मिसाल देखने को मिली। शालिनी कुशवाहा समेत बहुत सारी हिंदू महिलाओं को यास्मीन फातिमा की ईद की सेंवइयों का इंतजार होता है तो यास्मीन हिंदु सहेलियों के घर में बनी होली की गुझियों और दीवाली की मिठाइयों की बाट जोहती है।
प्रतिरोध: देश भर में 'मुजफ्फरनगर बाकी है' का प्रदर्शन

प्रतिरोध: देश भर में 'मुजफ्फरनगर बाकी है' का प्रदर्शन

2013 में हुए मुजफ्फरनगर दंगे पर बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म मुजफ्फरनगर बाकी है काफी चर्चा में रही है। यह फिल्म दंगे के दौरान के हालात और वहां के स्थानीय लोगों की भावनाओं का बखूबी इजहार करती है। फिल्म के जरिये उन तत्वों की तरफ इशारा किया गया है जो मुजफ्फरनगर के हालात के जिम्मेदार हैं। यही वजह है कि इस फिल्म का प्रदर्शन कई संगठनों के गले नहीं उतर रहा है। कई बार फिल्म के प्रदर्शन को बलपूर्वक रोकने की कोशिश की गई। ऐसे ही दमनकारी आक्रमणों के प्रतिरोध में फिल्म की टीम और अन्य कई संगठनों ने मिलकर एक ही दिन पूरे देश में फिल्म का प्रदर्शन किया।
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