Advertisement

Search Result : "Vinay Kumar Sharma"

बिट्टू शर्मा के परिवार की विदाई

बिट्टू शर्मा के परिवार की विदाई

बिट्टू शर्मा के नाम से टीवी पर चर्चित हो चुके कपिल शर्मा का कुनबा अब कुछ कुछ दिन नजर नहीं आएगा। हालांकि खबर आई है कि कपिल नासाज हैं सो कुछ दिन टीवी से ब्रेक लेंगे। लेकिन यदि कपिल शो नहीं करेंगे तो उनकी टीम यानी कुनबा भी जाहिर सी बात है टीवी पर नहीं आएगा।
लंदन में ओपी नैय्यर के तराने

लंदन में ओपी नैय्यर के तराने

लंदन के नेहरू सेंटर में ओपी नैय्यर के गीतों से सजी शाम का आयोजन हुआ। कुल 140 सीटों वाले नेहरू सेंटर में 170 लोगों ने अर्पण कुमार और मीतल के मार्फत मुहम्मद रफी और आशा भोंसले की आवाजों को सुना। की-बोर्ड पर सुनील जाधव थे तो तबले पर केवल। गीतों से भरी इस शाम में कई लोग दूर-दूर से आए थे।
गुलजार की लकीरें

गुलजार की लकीरें

28 जून को दिल्ली का सीरी फोर्ट ऑडिटोरियम गुलजार के चाहने वालों से भरा हुआ था। आखिर गुलजार के नज्मों और कहानियों का मंचन जो होने वाला था।
उसने कहा था – सौ साल पुराना प्रेम

उसने कहा था – सौ साल पुराना प्रेम

चंद्रधर शर्मा ‘गुलेरी’ की कहानी ‘उसने कहा था’ सौ साल की हो गई है। यह सिर्फ प्रेम कहानी नहीं है, बल्कि मासूम प्रेम की अभिव्यक्ति है। उसने कहा था गुलेरी जी ने सन 1915 में लिखी थी। सौ साल बाद भी इस कहानी की न रुमानियत खत्म हुई न मासूमियत।
इरफान नहीं बनेंगे सरबजीत

इरफान नहीं बनेंगे सरबजीत

फिल्म अभिनेता इरफान खान ने निर्देशक ओमांग कुमार की आने वाली फिल्म सरबजीत में काम करने को लेकर लगाई जा रही अटकलों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने कहा है कि वह इस फिल्म में काम नहीं कर रहे हैं। यह फिल्म पाकिस्तान में मारे गए भारतीय कैदी सरबजीत सिंह के जीवन पर आधारित है।
ब‌िहार चुनावः व्यूह बने, समर शेष

ब‌िहार चुनावः व्यूह बने, समर शेष

बिहार विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए जहां चुनौती है वहीं राजद-जदयू के लिए बना अस्तित्व का सवाल। दोनों ही तरफ लामबंदी तेज हो गई है। चुनावी मुद्दे और टीम?ं सज रही हैं, जात‌ियों के इर्द-ग‌िर्द गोट‌ियां बैठाई जा रही हैं। जनता जनार्दन को अपन पक्ष में खींचने की कवायद तेज। बिहार व‌िधानसभा चुनावों में छुपा है देश की भव‌िष्य की राजनीत‌ि का राज। अगर नीतीश गठबंधन जीता तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का व‌िकल्प होंगे और अगर मोदी ने फतह क‌िया, तो उत्तर भारत पर पकड़ होगी मजबूत।
बेचारा नहीं रहा बिहार: नी‍तीश कुमार

बेचारा नहीं रहा बिहार: नी‍तीश कुमार

बिहार की राजनीति में अलग अंदाज में गठजोड़ करने में वह माहिर हैं। पुराने गठजोड़ों को नया रंग देने की कला में वह निपुण हैं। स्थिति के हिसाब से दुश्मनों को दोस्त और पुराने साथियों से अखाड़े में कुश्ती की कला में पारंगत हैं। जब ये लगने लगे कि बिहार उनके हाथ से निकल ही गया तो फिर वह अपनी नई चाल से खेवनहार बनने की दावेदारी पेश करते हैं। जिनको सत्ता से हटाने के लिए उन्होंने अपनी पार्टी की कतारों को लामबंद किया, उन्हीं लालू प्रसाद यादव के साथ आज वह गलबहियां डाल उगता बिहार, नूतन बिहार के नारे के साथ वोट मांगने की तैयारी में हैं।
इमर्जेंसी पर आडवाणी की टिप्पणी को नीतीश का समर्थन

इमर्जेंसी पर आडवाणी की टिप्पणी को नीतीश का समर्थन

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की आपातकाल संबंधी टिप्पणी का समर्थन करते हुए कहा कि बिहार एेसी स्थिति का हर दिन सामना कर रहा है।
बिहार से निकलेगी दिल्‍ली की राह?

बिहार से निकलेगी दिल्‍ली की राह?

पुरानी राजनीति में पगे पर्यवेक्षक बार-बार पूछ रहे हैं कि लालू प्रसाद अपने अहम और जनाधार की आशंकाओं को ताक पर रखकर नीतीश के नाम पर राजी कैसे हो गए। लालू के निजी हावभाव भरमाने वाले भले रहे हों, सार्वजनिक तौर पर उनके वक्तव्य पिछले लोकसभा चुनावों में हार के बाद पिछले उपचुनावों के वक्त से ही भाजपा विरोधी संयुक्त मोर्चे के लिए प्रतिबद्धता के रहे हैं।
Advertisement
Advertisement
Advertisement