चैंपियंस ट्रॉफी क्रिकेट के फाइनल में पाकिस्तान की जीत के बाद 15 लोगों पर कथित रूप से पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाने और पटाखे फोड़ने का आरोप लगा था। जिसके बाद पुलिस ने राजद्रोह मामला दर्ज किया था। अब तीन दिन बाद मध्यप्रदेश पुलिस ने राजद्रोह का आरोप वापस ले लिया है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी आज अपना 47वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने उन्हें ट्वीट कर अपने बधाई संदेश में राहुल के दीर्घायु की कामना की है। राहुल गांधी इन दिनों विदेश में अपनी नानी और अन्य संबंधियों के साथ छुट्टियां मना रहे हैं।
डायरेक्टर, प्रोड्यूसर, स्क्रीन राइटर, कॉस्ट्यूम डिजाइनर और एक एक्टर के तौर पर अपना हुनर दिखाने वाले करण जौहर आज 44 साल के हो गए हैं। करण बॉलीवुड के एक ऐसे निर्देशक हैं जिन्होंने आज की युवा पीढ़ी को ध्यान में रखते हुए फिल्मों का निर्माण किया। फिर चाहे बात ‘कुछ कुछ होता है’ की हो या फिर ‘स्टूडेंट ऑफ दि ईयर‘ की हो। करण जौहर ने एक से बढ़कर एक अच्छी फिल्में निर्देशित की हैं।
तेज गेंदबाज आशीष नेहरा को समय समय पर इंजरी नहीं होती तो वह देश के सबसे घातक गेंदबाज हो सकते थे। उनकी गति और स्विंग को देखते हुए बल्लेबाज उन्हें हमेशा सतर्क होकर खेलते हैं।
दिल्ली नगर निगम चुनाव में सुनहरी जीत हासिल करने वाली भाजपा ने जीत का जश्न नहीं मनाने का फैसला किया है। सुकमा में सोमवार को हुए नक्सली हमले में 26 जवानों की शहादत के बाद भाजपा ने ये फैसला किया है। एमसीडी चुनावों में शानदार विजय दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के लोगों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की है।
चार्ली की हर फिल्म में आपको एक गंभीर डिबेट दिख जाएगी। 'द डिक्टेटर' में चार्ली का दिया गया लास्ट भाषण ही सुन लीजिए। मानवता के प्रति प्रेम, युद्ध-गुस्सा, मशीनीकरण पर मानव की विजय का कितना गंभीर फोटो खिंचते हैं चार्ली
बॉलीवुड में मिस्टर परफेक्शनिस्ट के नाम से मशहूर आमिर खान ने आज अपने 52वें जन्मदिन पर कहा कि वह राजनीति में कभी नहीं आएंगे, लेकिन जरूरी मुद्दों पर अपनी राय हमेशा रखते रहेंगे।
पांच सौ और हजार रूपये के बड़े नोटों के चलन से बाहर होने से फौरी तौर पर नकदी की भारी कमी हो जाने की वजह से शादी-विवाह का मौसम बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वर्तमान हालात में कोई बड़ा उत्सव कर पाना काफी कठिन काम हो गया है।
अमिताभ बच्चन के बारे में अब क्या कहा जाए, समझ में नहीं आता। जैसे-जैसे वह उम्रदराज हो रहे हैं। उनमें एक नई आभा दिख रही है। शायद यह उनके अथक और अनवरत परिश्रम का नतीजा है। लिहाजा अगर हम कहें कि चलते रहने का नाम अमिताभ है तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।