दुकानों से पटी वह एक भीड़-भरी तंग गली थी जिस पर एक दूसरे से हिल-मिल कर बने हुए मकानों की कतारों में किसी एक घर की एकमात्र खिड़की/बालकनी/बरामदे पर चाइनीज एलइडी से लिखे गए 56 इंच के बड़े-बड़े अक्षरों में “देश-भक्त ही देशभक्त” का साइन बोर्ड लिबडिब-लिबडिब करके जल बुझ रहा था।
24 मई की रात जेवर बुलंदशहर हाईवे पर हुई लूटपाट, हत्या और गैंगरेप के मामले में यूपी पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में ले लिया है। पीड़िता के बयान के आधार पर इन चार लोगों से पूछताछ चल रही है। वहीं इस दर्दनाक घटना को विपक्षी पार्टियों ने प्रदेश सरकार के माथे का कलंक बताया है।
दिल्ली में 1984 के सिख विरोधी दंगा मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जगदीश टाइटलर ने लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने से इंकार कर दिया है। पूर्व में इस मामले में सीबीआई जगदीश टाइटलर को क्लीन चिट दे चुकी थी।
उत्तर प्रदेश में गुंडाराज का खत्म करने के दावे के साथ आई योगी आदित्यनाथ की सरकार के सामने हिंसक घटनाएं नई चुनौती पेश कर रही है। खासतौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में जिस तरह शोभा यात्रा के नाम पर निकलेे जुलूस उपद्रव का कारण बने रहे हैं, उसने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उत्तर प्रदेश का सहारनपुर जिला अब जुलूस, बवाल और दंगो के नाम से चर्चा में है। दूधली के बाद बड़गांव के सब्बीरपुर में जुलूस के नाम पर बवाल हुआ। इस तरह शोभायत्रा के नाम पर हो रही हिंसा और उपद्रव कई सवाल खड़े कर रहे हैं।
बुलंदशहर जिले के सोही गांव के मुस्लिम हिंदू युवा वाहिनी के डर से अपना पुश्तैनी गांव छोड़ने के भय में जी रहे हैं। इस गांव में महज 4-5 मुस्लिम परिवार हैं, जिनमें से एक परिवार के सबसे बड़े 55 वर्षीय गुलाम अहमद की हत्या का आरोप हिंदू युवा वाहिनी के सदस्यों पर लगा हैं।