उत्तर प्रदेश पुलिस ने बीते शुक्रवार की रात दिल्ली-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुलंदशहर के पास एक महिला और उसकी नाबालिग बेटी से हुए सामूहिक बलात्कार के मामले में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस बीच, उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी की सरकार ने जिले के एसएसपी सहित चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।
सबको शिक्षा का अधिकार की मुहिम को गाजियाबाद में करारा झटका लगा है। यहां एक छात्रा ने इसलिए फांसी लगा खुदकुशी कर ली क्योंकि उसके माता-पिता स्कूल की फीस नहीं चुका पा रहे थे। फीस लेने उसके घर पहुंची शिक्षिकाओं के दुर्व्यवहार और पिता की पिटाई से दुखी होकर नौंवी कक्षा की छात्रा ने अपना जीवन ही खतम कर दिया।
मध्य प्रदेश में प्रशासनिक लापरवाही का एक अजीब मामला सामने आया है। राज्य की बीपीएल सूची में पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह का नाम दर्ज है। इस संबंध में खुद दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर अपने खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया है।
देश में पिछले दो सालों में खाने पीने की चीजों के दामों में बेेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। लोग इसका रोना भी रो रहे हैं। लेकिन रोजमर्रा के उपयोग की इन वस्तुओं के दामों में कोई कमी नहीं आई। इन सबके बीच शिक्षा पर भी महंगाई की मार पड़ी है। पिछले दो सालोंं में स्कूलों की फीस और शिक्षण सामग्री भी महंगी हुई है।
संसद के सोमवार से शुरू हो रहे मॉनसून सत्र में विपक्ष उसके शासित राज्यों में अस्थिरता की कथित कोशिशों और कश्मीर में अशांति को लेकर सरकार को घेरने का प्रयास करेगा। लेकिन जीएसटी विधेयक पर सरकार को विपक्ष के समर्थन की उम्मीद है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार पर केंद्र और दिल्ली के बीच के संबंध को भारत-पाकिस्तान जैसे हालात में पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर रूकावटें पैदा नहीं की गई होतीं तो उनकी सरकार ने दिल्ली में जितनी उपलब्धियां हासिल की हैं उससे चार गुना ज्यादा उपलब्धियां होतीं।
पाकिस्तान के पेशावर में एक सैनिक स्कूल पर किए गए आतंकवादी हमले का मास्टरमाइंड उमर मंसूर अफगानिस्तान में अमेरिकी ड्रोन हमले में मारा गया। पेशावर स्थित स्कूल पर वर्ष 2014 में हुए हमले में 140 से ज्यादा छात्रों की मौत हो गई थी।
विकास सहित कई अन्य मसलों पर केंद्र की मोदी सरकार की आलोचना करने वाली शिवसेना ने यूनीफार्म सिविल कोड के प्रस्ताव पर मोदी सरकार को अपना समर्थन दिया है। शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय के जरिए साफ संदेश दिया है कि यूनिफॉर्म सिविल कोड पर सरकार को आगे बढ़ना चाहिए।