केरल में मंत्रियों और अधिकारियों ने हमेशा से दिए जा रहे उदाहरण को अपनाते हुए एक अच्छी कोशिश की ओर कदम बढ़ाया है। सरकारी स्कूल की जर्जर हालात को देखते हुए हमेशा से एक उदाहरण दिया जाता है कि अगर मंत्रियों और अधिकारियों के बच्चें सरकारी स्कूल में पढ़ने लग जाए तो हालात में तेजी से सुधार हो सकता है।
एक ओर जहां मोदी सरकार सत्ता में तीन साल पूरे होने का जश्न मना रही है। वहीं, दूसरी ओर आम आदमी पार्टी ने एक अनोखे तरीके का प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन को किसी मंत्री या नेता के घर के सामने नहीं बल्कि एक दावत के दौरान किया गया। इस खास दावत में मोदी की नाकामी पर व्यंजनों का नाम दिया गया।
ट्विटर के सह-संस्थापक और पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी इवान विलियम्स ने डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति चुने जाने में ट्विटर की भूमिका को लेकर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी है। गौरतलब है कि मार्च में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि ट्विटर ने उनकी जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
रेल संबंधी हर तरह की जानकारी अब आपको हिंदरेल ऐप्प से मिल जाया करेगी। रेल मंत्रालय जून माह में इस मेगा ऐप्प को लांच कर रहा है। रेलवे के अभी तक के सारे ऐप्प इसमें शामिल किए जाएंगे।
यूपी में सरकार बदलते ही इसका असर भी दिखाई देने लगा है। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने यमुना एक्सप्रेस-वे पर बनने वाले छह बिल्डरों के 17 प्रोजेक्टों को रद्द कर दिया है। इनमें गौर सन्स, अजनारा, जेपी ग्रुप और ओरिस इंफ्रा जैसे बिल्डर्स के प्रोजेक्ट शामिल हैं। इससे खासी संख्या में निवेशकों में घबराहट और आशंका पैदा हो गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंबेडकर जयंती के मौके पर डिजिटल लेनदेन को सुगम बनाने के लिए भीम-आधार डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म की शुरुआत की है। यह पेमेंट सिस्टम खासतौर पर उन लोगों के लिए है, जिनके पास डेबिट कार्ड, ई-वॉलेट और मोबाइल फोन नहीं है। इसे सफल बनाने के लिए एक रेफरल योजना भी शुरू की गई है। इसके तहत हर नए व्यक्ति को भीम एप से जोड़ने पर 10 रुपये का ईनाम दिया जाएगा।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष विवादों में है। घोष ने नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन की आलोचना की है। इससे राज्य की राजनीति में एकाएक गरमाहट पैदा हो गई है। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा कि घोष ने अमर्त्य सेन के बारे में जो नकारात्मक बातें कही है वह शर्मनाक है।
भारतीय रिजर्व बैंक के दो पूर्व गवर्नरों वाई वी रेड्डी और बिमल जालान के बाद अब नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अमर्त्य सेन ने आज केन्द्रीय बैंक की स्वायत्तता पर सवाल उठाते हुए कहा कि आजकल बैंक कोई फैसले नहीं करता, सभी निर्णय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करते हैं।