भाजपा के राज्यसभा सदस्य अौर राजन के दूसरे कार्यकाल का मुखर विरोध करने वाले सुब्रहमण्यम स्वामी राजन के फैसले से संतुष्ट बताए जा रहे हैं। नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन के दूसरे कार्यकाल का आग्रह ना करने के फैसले को देश के लिए 'दुखद' बताते हुए कहा कि भारत दुनिया के सबसे दक्ष आर्थिक विचारकों में से एक खो रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईरान यात्रा से भारत-ईरान के मजबूत होते रिश्तों पर अमेरिका बेहद करीब से नजर रख रहा है। चाबहार बंदरगाह के लिए 50 करोड़ डॉलर निवेश की भारत की घोषणा को लेकर ओबामा सरकार ने सांसदों से कहा है कि अमेरिका ईरान के साथ भारत के बढ़ते रिश्तों पर बहुत करीब से निगाह रख रहा है और देखेगा कि क्या इसके कानूनी पहलु और जरूरतें पूरी की गई हैं या नहीं।
रियल एस्टेट की बड़ी कंपनी सुपरटेक दोबारा विवादों में फंस गई है। इसकी 100 करोड़ के एरिया में बनने वाली टाउनशिप सुपरटेक अपकंट्री निरस्त कर दी गई है। यह टाउनशिप यमुना एक्सप्रेस वे में बननी थी। यमुना औद़योगिक विकास प्राधिकरण के दो सीईओ ने पाया कि फर्जी लेटर के जरिए इस टाउन का प्लान पास कराया गया।
कश्मीर में सोशल मीडिया का उपयोग करने वालों ने हाल में जारी उस परिपत्र पर मिलीजुली प्रतिक्रिया दी हैं जिसमें जिला अधिकारियों ने कुपवाड़ा में खबरों का प्रचार प्रसार करने वाले वॉट्सऐप समूहों के प्रशासकों को दस दिन के अंदर अपना पंजीकरण कराने का आदेश दिया है।
सुरक्षा एजेंसियों ने सोशल नेटवर्किंग साइट व्हाट्सऐप द्वारा शुरू किए नए इनक्रिप्शन पर चिंता जताते हुए कहा है कि राष्ट्रविरोधी तत्व अपने नापाक इरादों के लिए इसका दुरूपयोग कर सकते हैं।
सिंगापुर विश्वविद्यालय के थिंक टैंक माने जाने वाले इंस्टीट्यूट ऑफ साउथ एशिया स्टडीज के वरिष्ठ शोधार्थी रोनोनंजय सेन ने नेशन एट प्ले : ए हिस्ट्री ऑफ स्पोर्ट इन इंडिया नाम एक किताब लिखी है।
सफलता की मिसालें होती हैं और असफलता की कहानियां। इन कहानियों से कभी जोश आता है तो कभी निराशा। के डी सत्यम ने अपने निर्देशन में बॉलीवुड डायरीज में ऐसी ही तीन कहानी नहीं तीन दीवानों को जगह दी है।
नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफ्रेसर अमर्त्य सेन ने अपने नाम ‘अमर्त्य’ से अपनी बात शुरू करते हुए बताया कि कैसे गुरुदेव रवीन्द्र नाथ टैगोर ने उनका नाम रखा और अपने चाचा जोतिर्मय सेन के अंग्रेजों की गुलामी के प्रति संघर्ष जारी रखा ताकि देश आजाद हो सके। लेकिन क्या वाकई देश वैसा ‘आजाद’ हुआ है। यह बात उन्होंने एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के राजेन्द्र माथुर स्मृति व्याख्यानमाला में कहे। उन्होंने इंडियन पीनल कोड से बात शुरू करते हुए अभिव्यक्ति की आजादी के संदर्भ में बहुत सी बाते रखीं।