'आवारा भीड़ के खतरे' नामक शीर्षक के अपने निबंध में हिन्दी साहित्य जगत के मूर्धन्य निबंधकार हरिशंकर परसाई जी लिखते हैं, "दिशाहीन, बेकार, हताश, नकार वादी और विध्वंस वादी युवकों की यह भीड़ खतरनाक होती। इसका उपयोग खतरनाक विचारधारा वाले व्यक्ति या समूह कर सकते हैं। इसी भीड़ का उपयोग नेपोलियन, हिटलर और मुसोलिनी जैसे लोगों ने किया था।"
पीएम मोदी जिस समय अहमदाबा में गोरक्षा के नाम पर हत्या को अस्वीकार्य बता रहे थे, करीब उसी वक्त झारखंड में हिंसक भीड़ ने कथित रूप से प्रतिबंधित मांस ले जाने के नाम पर एक व्यक्ति को पीट-पीट कर मार डाला।
देश में हिंसक भीड़ द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को पीट-पीट कर मार डालने की बढ़ती घटनाओं के विरोध में सामाजिक कार्यकर्ता शबनम हाशमी ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक अधिकार अवार्ड लौटा दिया है।
देश में उन्मादी भीड़ ने हिंसा की कई काली रेखाएं खींच दी है। पहले उन्मादी भीड़ ने एक युवक को मौत के हवाले कर दिया। उस दौरान किसी के हाथ मदद के लिए आगे नहीं बढ़े। अब विडबंना है कि कोई गवाह भी सामने नहीं आ रहा है।
युवा नेता जिग्नेश मेवाणी ने दलितों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ अावाज उठाने के लिए दलित संगठनाेें को अलवर से गुजरात तक यात्रा निकालने का सुझाव दिया है। देखना है वह खुद कब इस पर अमल करते हैं।
राजस्थान के अलवर में गाय ले कर जा रहे एक व्यक्ति की गौरक्षकों द्वारा कथित रूप से बुरी तरह पीटे जाने के बाद उपचार के दौरान उसकी मौत होने की घटना से इंकार करने के केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के राज्यसभा में दिए गए बयान को ले कर कांग्रेस सदस्यों ने शुक्रवार को उच्च सदन में हंगामा किया और सदन को गुमराह करने के लिए उनसे माफी की मांग की।
राजस्थान के होम मिनिस्टर गुलाब चंद कटारिया ने कहा है कि अलवर में कथित गौ तस्कर की मौत पिटाई से हुई है। पुलिस ने गौ तस्करी के खिलाफ तथा मौत पर दोषी लोगों पर केस दर्ज कर लिया है। कटारिया ने कहा कि गौ तस्करी पर प्रतिबंध है। इस पर कानून बना है। जब लोगों को पता है तो वह इस तरह का कार्य क्यों करते हैं। पूरे मामले में गलती दोनों तरफ से हुई है।