सरकार ने आज कहा कि संसद के मानसून सत्र में जीएसटी विधेयक को पारित कराने के लिए उसके पास पर्याप्त समर्थन है। संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई से शुरू होकर 12 अगस्त तक चलेगा।
ऑनलाइन खरीदे गये सभी खरीद पर एक समान वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लगेगा। मॉडल जीएसटी कानून में यह कहा गया है। जीएसटी के अगले साल अप्रैल से लागू होने की संभावना है। स्थानीय शुल्क के बदले लगने वाला कर उस जगह लगेगा जहां सबसे पहले वित्तीय लेन-देन किया जाएगा।
भारत में उद्योग जगत के अग्रणी नेत्वकर्ताओं ने राय दी है कि लंबे समय से अटके वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार राजनीतिक सहमति बनाने पर ध्यान दे। केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार की दूसरी वर्षगांठ पास आने के बीच उद्योग जगत के नेताओं ने सोमवार को कहा कि सरकार को अब जीएसटी पर आम सहमति बनाने और गैर विधायी सुधारों में गति लाने पर ध्यान देना चाहिए।
परोक्ष करों में महत्वपूर्ण सुधारों के प्रावधानों वाले जीएसटी विधेयक के संसद के मौजूदा सत्र में पारित नहीं होने पर प्रदेशों के हितों के प्रभावित होने पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि इसके पारित होने से राज्यों को सीधे सीधे लाभ पहुंचता।
मोदी सरकार के एक और मंत्री न्यायपालिका के सरकार के कामकाज में दखल से हताहत हैं। केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बाद इस बार वित्तमंत्री अरुण जेटली ने आवाज उठाई है।
आम बजट से तीन दिन पहले संसद में शुक्रवार को पेश आर्थिक समीक्षा में अगले वित्त वर्ष की आर्थिक वृद्धि 7 से 7.75 प्रतिशत के दायरे में रहने की उम्मीद जताते हुए जीएसटी सहित तमाम आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाने, सब्सिडी कम करने और राजकोषीय अनुशासन के रास्ते पर बने रहने पर जोर दिया गया है।
लोकतंत्र में असहमति् और प्रतिपक्ष अपरिहार्य है। भारी बहुमत के बावजूद सत्तारूढ़ पक्ष को यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि मंत्री या अधिकारी निरंकुश न हो जाएं। इस दृष्टि से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद के बजट सत्र से पहले प्रतिपक्ष के नेताओं के साथ्ा बैठक की सही पहल की है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को पार्टी के सभी प्रदेश अध्यक्षों के अलावा पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठक कर वर्तमान राजनीतिक हालात का जायजा लिया। राहुल ने राज्यों में पार्टी को मजबूत करने की वस्तुस्थिति की भी समीक्षा की।
गृह मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में संसदीय मामलों पर कैबिनेट समिति की बैठक चार फरवरी को होगी जिसमें संसद के बजट सत्र की तिथियों को अंतिम रूप दिया जायेगा। इस सत्र के दौरान सरकार जीएसटी विधेयक को पारित कराने को उत्सुक है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि सरकार जैसे ही कांग्रेस द्वारा रखी गई शर्तों को स्वीकार करती है उनकी पार्टी संसद में जीएसटी विधेयक का समर्थन करेगी। राहुल ने आज मुंबई में कहा कि महज 15 मिनट में यह विधेयक पारित हो जाएगा। यह टेबल पर आमने-सामने बैठकर किया जा सकता है, लेकिन सरकार इस पर विचार नहीं कर रही है।