रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने आज नौसेना के युद्धपोत आईएनएस कोच्चि का जलावतरण किया और कहा कि नौसेना ने अगले 15 साल के लिए स्वेदशी योजना का खाका तैयार किया है।
बीसीसीआई ने अपने नए अध्यक्ष के चयन के लिए 4 अक्तूबर को आमसभा की विशेष बैठक बुलाई है जिसमें नागपुर के वकील शशांक मनोहर सभी की पसंद के उम्मीदवार के रूप में उभरे हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव में मतदाताओं को लुभाने के लिए भारतीय जनता पार्टी की तरफ से लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे दिग्गज नेता स्टार प्रचारक होंगे। पार्टी ने मंगलवार को अपने 40 स्टार प्रचारकों के नामों की सूची चुनाव आयोग को सौंपी है।
एक रैंक एक पेंशन (ओआरओपी) योजना लागू करने की सरकारी अधिसूचना जारी होने में अभी एक और महीने का समय लग सकता है। शीर्ष रक्षा सूत्रों ने आज कहा कि इसमें दो-चार सप्ताह और लग सकते हैं क्योंकि यह एक विस्तृत मुद्दा है।
पंजाब और हरियाणा के अति सुरक्षा वाले, सिविल सचिवालय की इमारत में एक हथियारबंद व्यक्ति हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के कार्यालय पहुंचने के लिए सुरक्षा के कई स्तरों को पार करने में कामयाब रहा। इसके बाद सीआईएसएफ के छह कर्मियों को निलंबित कर दिया गया।
इमर्जेंसी के दिनों में हुसेन को इंदिरा गांधी प्रेम के कारण बदनामी भी मिली। उन्होंने इंदिरा में दुर्गा छवि खोज ली थी। लेकिन हिंदुवादी फासिस्ट ताकतों ने बाद में हुसेन पर जो हमले किए, जिस तरह से उन्हें बदनाम किया उसके पीछे असली हुसेन को न जानना और धर्मांधता ही थी।
मोदी सरकार ने वन रैंक वन पेंशन की मांग मान ली है। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने शनिवार को प्रैसवार्ता में इस बात का एलान किया है। इसे एक जुलाई, 2014 से लागू किया जाएगा और इसमें स्वेच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेने वाले सैनिकों को शामिल नहीं किया गया है।
हरियाणा में कमल वाली सरकार आने के बाद से लेकर अभी तक कोई करिश्मा नहीं हुआ। वादों की जमीन बंजर है। लेकिन एक मंत्री ऐसे हैं जिनका अपने विभाग के काम को लेकर ऐसा जुनून है कि इतनी चर्चा सरकारी योजनाओं की नहीं होती जितनी उनके ट्वीट की हो जाती है। जब से इन्होंने पदभार संभाला है तब से छापे और बर्खास्तगियां आम बात है। वह कभी अस्पताल तो कभी सचिवालय की छत पर खुद चढक़र पानी की टंकी साफ करने लगते हैं। स्वास्थ्य विभाग में इनका ऐसा हौवा है कि हरियाणा में एक जुमला कहा जाने लगा है, ‘भाग नहीं तो अनिल विज आ जाएगा’। पांच दफा विधायक चुने जा चुके साफ-सुथरी छवि के विज ने न तो सरकारी मकान लिया, न टेलीफोन सुविधा। गलत निर्णयों में अपनी ही सरकार की ऐसी-तेसी करने से भी नहीं डरते।
आंदोलन समाप्त करने के रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के सुझाव को दरकिनार करते हुए वन रैंक, वन पेंशन योजना को लागू करने का सरकार पर दबाव बनाने के लिए शुरू किए गए आमरण अनशन में आज एक और वरिष्ठ पूर्व सैनिक शामिल हो गए।