नासिक के प्रसिद्ध त्र्यंबकेश्वर मंदिर में आज महिलाओं के एक समूह के साथ स्थानीय लोगों के एक समूह द्वारा कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। यह घटना उस समय घटी जब महिलाओं का समूह मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करने का प्रयास कर रहा था। इस मामले में पुलिस ने करीब 200 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
अपने बयानों से अकसर सुर्खियों में रहने वाले शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने यह कहकर फिर एक विवाद को जन्म दे दिया है कि महिलाओं द्वारा भगवान शनि की पूजा करने से बलात्कार सहित महिला विरोधी अपराधों में बढोत्तरी होगी। यही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र के मंदिरों में साईं बाबा की पूजा के कारण वहां सूखा पड़ गया है।
महाराष्ट्र के अहमदनगर स्थित शनि शिंगणापुर मंदिर के गर्भगृह में महिलाओं के प्रवेश पर 400 साल से जारी प्रतिबंध के खत्म होने के बाद पूजा अर्चना करने के लिए आज सुबह से ही मंदिर में पुरूषों और महिलाओं की लंबी कतारे देखने को मिलीं। शनिवार को शनि भगवान की विशेष पूजा की परंपरा है।
बम्बई उच्च न्यायालय द्वारा मंदिरों में प्रवेश को महिलाओं का मौलिक अधिकार बताए जाने के एक दिन बाद शनिवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने शनि शिंगणापुर मंदिर के भीतरी गर्भगृह में प्रवेश करने की कोशिश की लेकिन ग्रामीणों और पुलिस ने उन्हें रोक दिया। नाराज भूमाता रणरागिनी ब्रिगेड की नेता तृप्ति देसाई ने कहा कि अगर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री मंदिरों में महिलाओं के प्रवेश का रास्ता साफ करने वाले न्यायालय के आदेश का सम्मान करने में विफल रहे तो वह उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएंगी।