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Search Result : "आदित्य ठाकरे"

राष्ट्रपति ओलांद के लंच समारोह में ऐश्वर्या राय

राष्ट्रपति ओलांद के लंच समारोह में ऐश्वर्या राय

फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के सम्‍मान में आयोजित लंच में बॉलीवुड की कई हस्तियां भी शामिल हुईं। इनमें सबसे खास रही अभिनेत्री एेश्‍वर्या राय की मौजूदगी।
कैटरीना का पश्मिना फितूर

कैटरीना का पश्मिना फितूर

कैटरीना कैफ की आने वाली फिल्म फितूर का गाना पश्मीना ‘ऑफिशियल’ लॉन्च हो गया है। ऑफिशियल इसलिए क्योंकि यह गाने पहले ही कुछ वेबसाइट पर दिखाई दे रहा है।
शाहरूख के लिए ‘दिलवाले’ बने राज ठाकरे

शाहरूख के लिए ‘दिलवाले’ बने राज ठाकरे

तो क्या इसे यह समझा जाए कि राज ठाकरे ने शाहरूख खान को परोक्ष रूप से समर्थन दे दिया है। राज ठाकरे ने ‘राज’ यानी शाहरूख खान की आने वाली फिल्म दिलवाले से खुद को अलग कर लिया है।
आदित्य-रानी की आदिरा

आदित्य-रानी की आदिरा

एक वक्त था जब रानी मुखर्जी और आदित्य चोपड़ा अपना इश्क स्वीकारने को तैयार नहीं थे। फिर बहुत दिनों बाद खबर आई कि शादी हो गई है। और अब ढोल ढमाके के साथ आदिरा बेबी के कारण फिर चर्चा है कि रानी मुखर्जी मम्मी और आदित्य चोपड़ा पापा हो गए हैं।
कुलकर्णी पर स्याही फेंकने वालों को उद्धव ठाकरे ने दी शाबाशी

कुलकर्णी पर स्याही फेंकने वालों को उद्धव ठाकरे ने दी शाबाशी

भाजपा के पूर्व नेता सुधींद्र कुलकर्णी के चेहरे पर सोमवार को कालिख पोतने वाले शिवसेना कार्यकर्ताओं को उद्धव ठाकरे ने घर बुलाकर शाबाशी दी है।
सैनिक कष्ट झेलें, हम आनंद मनाएं यह नहीं होगाः शिवसेना

सैनिक कष्ट झेलें, हम आनंद मनाएं यह नहीं होगाः शिवसेना

गुलाम अली के संगीत समारोह को जबरन रद्द कराए जाने के मुद्दे पर राजनीतिक एवं सांस्कृतिक जगत के निशाने पर आई शिवसेना ने कहा है कि सैनिक शहीद हो रहे हों और यहां आनंद उठाया जाता रहे यह नहीं होगा।
शाहरूख की फिल्म ‘फैन’ का पोस्टर रिलीज

शाहरूख की फिल्म ‘फैन’ का पोस्टर रिलीज

शाहरूख खान की आने वाली फिल्म फैन का टीजर पोस्टर एसआरके यूनिवर्स के ट्वीटर अकाउंट पर आने के बाद शाहरूख खान ने इसे रीट्वीट किया है। शाहरूख के प्रशंसकों को इस फिल्म का लंबे समय से इंतजार है।
ऐसे कितने दिन चलेगा भाजपा शिवसेना गठबंधन

ऐसे कितने दिन चलेगा भाजपा शिवसेना गठबंधन

शिवसेना ने साफ कर दिया है कि कोल्हापुर निकाय चुनाव वह अपने दम पर लड़ेगी और भाजपा से गठबंधन नहीं करेगी। इस फैसले ने साफ कर दिया है कि राज्य की राजनीति में 25 वर्ष तक साथ चले दोनों दलों के दिल एक दूसरे से भर चुके हैं और सिर्फ सियासी मजबूरी ने ही उन्हें राज्य सरकार में एक साथ बना रखा है।
शिवसेना: एक कागजी शेर के 50 साल!

शिवसेना: एक कागजी शेर के 50 साल!

1985 तक शिवसेना केवल मुंबई तक ही सीमित थी। महाराष्ट्र में इसके प्रसार का श्रेय छगन भुजबल को जाता है। शरद पवार 1986 में अपने कांग्रेस विरोधी समूह को सकते में छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए। उस वजह से बने खाली स्थान को शिवसेना ने भरा। आज भी मुंबई की शिवसेना और बाकी महाराष्ट्र की शिवसेना में अंतर है।