दिल्ली के मुख्यमंत्री सबसे आम नागरिक हैं। क्योंकि उनकी पार्टी का नाम ही आम आदमी पार्टी है। अब इसी आम आदमी पर एक खास फिल्म बन गई है। लेकिन नाम वही है, आम आदमी जैसा, एन इनसिगनिफिकेंट मैन।
केंद्र सरकार महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए अब एलपीजी के वितरण में भी आरक्षण का लाभ देने जा रही है। सरकार ने यह वादा किया है कि गैस एजेंसियों के वितरण के लिए जो नया आवंटन होगा उसमे महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा।
जब बात अनुशासन की आती है तो भारत के दिग्गज बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद कोई समझौता नहीं करते और यही वजह रही कि उन्होंने पिछले तीन महीने से पी.वी. सिंधु को फोन से दूर रखा और रियो पहुंचने पर इस रजत पदक विजेता शटलर को आईसक्रीम भी नहीं खाने दी।
पांच बार के विश्व चैम्पियन विश्वनाथन आनंद सिंकफील्ड कप के पहले दौर में अमेरिका के फाबियानो कारूआना से भिड़ेंगे। टूर्नामेंट में विश्व चैम्पियन मैग्नस कार्लसन के अलावा सभी स्टार खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।
आखिरकार डॉ. सुभाष चंद्रा कल राज्यसभा सांसद की शपथ ले ही लेंगे। हरियाणा में राज्यसभा चुनाव का मामला उच्च न्यायालय में पहुंच गया था। आरके आनंद ने चंद्रा के विजेता घोषित करने के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।
आप से निष्कासित होने के बाद योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, प्रो. आनंद कुमार और अजीत झा स्वराज अभियान नामक गैर राजनीतिक संगठन बनाकर देशभर में जनांदोलन चला रहे हैं। निष्कासन के करीब एक साल बाद संगठन के तमाम कार्यकर्ताओं से वोटिंग कराने के बाद अब स्वराज अभियान ने राजनीतिक दल के निर्माण की घोषणा की है।
एक विशेष अदालत ने भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पूर्व प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार को मंगलवार को जमानत दे दी। विशेष सीबीआई न्यायाधीश अरविंद कुमार ने एक लाख रूपये के निजी मुचलके पर कुमार को राहत दी।
गुड एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) को लेकर जनता दल यूनाइटेड और कांग्रेस में सहमति नहीं बन पा रही है। बिहार में जदयू की सहयोगी कांग्रेस की इस मुद्दे पर अलग-अलग राय है। जबकि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुले तौर पर जीएसटी का समर्थन किया है। इसको लेकर कांग्रेस पर भी दबाव बढ़ा है।
जीएसटी विधेयक पर गतिरोध को खत्म करने के प्रयास के तहत केंद्रीय मंत्रियों अरूण जेटली और अनंत कुमार ने शुक्रवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं गुलाम नबी आजाद और आनंद शर्मा से मुलाकात की।
सरकारी अधिकारियों की राजनीतिक प्रतिबद्धता वर्षों से विवाद का मुद्दा रही है। कांग्रेस, कम्युनिस्ट, सोशलिस्ट, संघ की विचारधाराओं वाली सरकारें रहने पर यह सवाल उठता रहा है कि नौकरीशाही किसी दल, व्यक्ति या विचार से प्रतिबद्ध रहने के बजाय लोकसेवक के रूप में नियम-कानून के अनुसार सरकार-संगठन द्वारा निर्धारित कार्यक्रमों और आदेशों का क्रियान्वयन करे।