अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती के अनुमान के बीच भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन कल चालू वित्त वर्ष की चौथी दोमाही मौद्रिक नीति पेश करेंगे।
शुरुआती दौर में बिहार के शहरों में भाजपा प्रचार में आगे दिख रही है। अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए ऊंची जातियों को सक्रिय करने में सफल रही है, लेकिन आपसी फूट भी जबर्दस्त है। बिहारी मतदाता अपने पत्ते अभी खोलने को तैयार नहीं
रिजर्व बैंक गवर्नर रघुराम राजन ने नीतिगत दर में कटौती का संकेत देते हुए कहा है कि केंद्रीय बैंक अभी भी समायोजन के दौर में है और मुद्रास्फीति तथा वृहद आर्थिक आंकड़ों के आधार पर आगे निर्णय करेगा।
निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा बैंक आईसीआईसीआई बैंक ग्रामीण इलाकों में ग्राहकांे को 15 लाख रुपये तक का ऋण आधार दर पर उपलब्ध कराएगा। आधार दर बैंकों की कर्ज पर ली जाने वाली सबसे निम्न ब्याज दर होती है। बैंक महिलाआंे को पहले ही आधार दर पर कर्ज उपलब्ध करा रहा है।
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय बैंक अपनी नीतिगत ब्याज दर में कटौती करेगा, बशर्ते उसे यह भरोसा हो जाए कि इस कटौती के बाद भी मुद्रास्फीति छह प्रतिशत से नीचे बनी रहेगी।
मुद्रास्फीति और वित्तीय घाटा नियंत्रण में रहने के मद्देनजर बैंकरों और उद्योगपतियों को उम्मीद है कि रिजर्व बैंक मंगलवार को होने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा में आर्थिक गतिविधियों में तेजी लाने और निवेश बढ़ाने के लिए रेपो दर में कटौती कर सकता है।
घर व संस्थाओं में जमा सोने को देश के काम में लगाने के लिए लाई जा रही योजना के तहत सोने पर कमाई को करमुक्त किया जा सकता है। इस बारे में वित्त मंत्रालय ने 2 जून तक जनता की राय मांगी है।
एक टीम हो जिसमें एक रॉकेट वैज्ञानिक, एक इंजीनियर, एक खगोलविज्ञानी, एक फैशन विशेषज्ञ और एक हड्डी रोग विशेषज्ञ साथ मिल कर काम करें तो बताइए ये सब लोग मिल कर क्या बनाएंगे? नहीं पता। ये सब लोग महिलाओं को कुछ इंच ऊंचा उठाने के लिए कोशिश करेंगे वह भी बिना महिला को दर्द से राहत देते हुए। अमेरिका की स्पेस ट्रांसपोर्ट कंपनी स्पेस एक्स की एक पूर्व अधिकारी डॉली सिंह ने यह खास टीम बनाई है जो अब महिलाओं के लिए स्टेलेटो (ऊंची एड़ी के सैंडिल) डिजाइन करेंगे।
कर विशेषज्ञों ने कहा है कि वित्त मंत्री अरूण जेटली की विदेशी कंपनियों की कुछ आय पर मैट में छूट की घोषणा से विदेशी कंपनियों को राहत जरूर मिली है लेकिन सरकार को पिछले बकाये के लिए कर संधि लाभों के बारे में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।