अन्ना के जल संरक्षण मॉडल से उनके गांव वाले ही उनसे नाराज हो गए हैं। अन्ना के सामाजिक जीवन में शायद यह पहली बार हो रहा है। जब उनके अपने लाेगों ने ही उनका विरोध किया है। गांव के किसान वाटर लेबल में सुधार के लिए बोरवेल भरे जाने की अन्ना की मुहिम को दरकिनार करते हुए एकमत होकर कहा है कि हम हर बार अन्ना की नहीं सुनेंगे।
पंजाब में किसानों द्वारा आत्महत्या करने और असम में आतंकी समूह की सक्रियता का मामला आज लोकसभा में उठा तथा केंद्र सरकार से इसकी जांच कराने और जरूरी कार्रवाई करने की मांग की गई।
राज्यसभा की आचार समिति द्वारा अपने निष्कासन की सिफारिश किए जाने से एक दिन पहले निर्दलीय सांसद और शराब उद्योगपति विजय माल्या ने आज उच्च सदन से इस्तीफा दे दिया। वह 9,400 करोड़ रूपये से अधिक के कर्ज की अदायगी नहीं करने के मामले का सामना कर रहे हैं।
सरकार ने आज कहा कि तंबाकू सेवन के खिलाफ भारत सहित विश्वभर में जारी जागरूकता अभियान के चलते अब यह जरूरी हो गया है कि देश के तंबाकू किसानों के लिए वैकल्पिक खेती के बारे में गंभीरता से विचार किया जाए।
स्वास्थ्य गड़बड़ होने पर मुंह का स्वाद बदल जाता है। इसी तरह भारत में मौसम के साथ महंगाई बढ़ने पर आम आदमी के दांत खट्टे भले ही न हों, दाल खट्टी और चीनी कड़वी लगने लगती है। एक तरफ किसानों को अनाज, तिलहन और गन्ने का सही दाम नहीं मिलता और कर्ज से तंग आकर लोग आत्महत्या करते हैं, दूसरी तरफ कालाबाजारी और सूदखोर दलाल एवं व्यापारियों का एक वर्ग मनमाने ढंग से मूल्य वसूलते हैं।
शराब कारोबारी विजय माल्या के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी होने से उत्साहित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विदेश मंत्रालय से 900 करोड़ रुपये के कथित आईडीबीआई कर्ज धोखाधड़ी मामले में धनशोधन के संबंध में माल्या को भारत लाने की कार्यवाही शुरू करने का आग्रह किया है।
अरबों रुपये के कर्ज के भुगतान में चूक के बीच उच्चतम न्यायालय ने आज कहा कि चूककर्ताओं के नाम का खुलासा किए बिना कुल बकाया राशि को सार्वजनिक किया जाए लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक ने गोपनीयता उपबंध का हवाला देते हुए इस प्रस्ताव का विरोध किया है।
लगातार दो वर्ष के सूखे के बाद इस वर्ष मानसून के सामान्य से बेहतर होने और देश भर में समान बारिश होने की भारत मौसम विज्ञान विभाग की सूचना किसानों के लिए राहत की खबर लेकर आई है। विभाग ने आज इस वर्ष के पूर्वानुमानों की घोषणा करते हुए कहा कि मानसून के लिहाज से यह साल अच्छा रहेगा।
सरकार कपास के बीजों के दाम का नियमन जारी रखेगी और वह अमेरिका की प्रमुख जैव-प्रौद्योगिकी कंपनी मोनसैंटो जैसी कंपनियों को किसानों का शोषण करने का मौका नहीं देगी। यह बात कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने आज कही। दिसंबर में केंद्र सरकार ने 2016-17 (जुलाई-जून) फसल वर्ष के लिए कपास के बीजों के संबंध में मूल्य-नियंत्रण आदेश जारी किया था। इसमें बीज कंपनियों की रायल्टी भी शामिल की गई है।