पूरे विश्व में योग का डंका बजाने वाले बीकेएस आयंगर का आज 97वां जन्मदिवस है। योग के प्रति उन्होंने लोगों में चेतना जगाई और देश के साथ विदेश में भी योग के प्रति चेतना को आगे बढ़ाया।
फेसबुक के संस्थापक जुकरबर्ग के बाद अब गूगल गूगल प्रमुख सुंदर पिचई भी मुस्लिमों के समर्थन में उतर आए हैं। शनिवार को अपने एक ब्लॉग के जरिये उन्होंने कहा कि हमें अमेरिका और विश्व में मुसलमानों और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों का समर्थन करना चाहिए।
सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक ने चेन्नई के लिए अपना सुरक्षा जांच फीचर शुरू किया है। फेसबुक का इस्तेमाल करने वाले इस बटन के जरिए अपने नेटवर्क में शामिल लोगों को बता सकते हैं कि वे बाढ से सुरक्षित हैं। चेन्नई में इस सदी की सबसे भारी बारिश हो रही है।
फेसबुक के मुख्य कार्यकारी मार्क जुकरबर्ग ने अपने जीवन में परिवार के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि वह अपने पहले बच्चे के जन्म पर दो महीने का पितृत्व अवकाश लेने की योजना बना रहे हैं।
यह सही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से ही भारत में छोटे-बड़े तमाम नेताओं ने सोशल मीडिया और इंटरनेट की ताकत का लोहा माना है। लेकिन ऐसा लगता है कि खुद भाजपा के नेताओं को अभी डिजिटल दुनिया के बारे में काफी कुछ सीखने की जरूरत है। बिहार चुनाव में भाजपा नेताओं की डिजिटल नासमझी के चलते नीतीश कुमार के खिलाफ चला दांव उल्टा पड़ गया और पार्टी की किरकिरी हुई सो अलग।
अमेरिका की यात्रा पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी केंद्र सिलिकन वैली में काफी समय गुजारा। इस दौरान वह गूगल और फेसबुक जैसी दिग्गज आईटी कंपनियों के मुख्यालय भी गए। करीब 30 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री के सिलिकन वैली के पहले दौर में डिजिटल इंडिया की खूब चर्चा हुई। माइक्रोसॉफ्ट से लेकर एप्पल और क्वॉलकॉम जैसी कंपनियों ने इस अभियान में दिलचस्पी दिखाई है।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका की अपनी दूसरी यात्रा पर न्यूयाॅर्क पहुंचे गए हैं। छह दिनों की अमेरिकी यात्रा के दौरान वह राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ द्विपक्षीय बैठक और संयुक्त राष्ट्र के एेतिहासिक सतत विकास शिखर सम्मेलन में विश्व के नेताओं को संबोधित करेंगे। उनका सिलिकाॅन वैली में मोदी भारतीय समुदाय तथा शीर्ष कारोबारी अधिकारियों से मिलने का भी कार्यक्रम है।
भारत में करीब 21 फीसदी लोग इंटरनेट हिंदी में देखना चाहते हैं। देश में हिंदी सामग्री की खपत सालाना 94 फीसदी की दर से बढ़ी है जबकि अंग्रेजी सामग्री की खपत में सिर्फ 19 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है।