पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन पर हुए आतंकी हमले से पहले अगवा हुए गुरदासपुर के एसपी सलविंदर सिंह ने अपने ऊपर लग रहे आरोपों पर सफाई दी है। उन्होंने कहा है कि वह इस हमले के पीड़ित हैं न कि संदिग्ध। 31 दिसंबर को गुरदासपुर जिले के एसपी सलविंदर सिंह, उनके दोस्त राकेश और रसोईया मदन गोपाल का उस वक्त अपहरण कर लिया गया था जब देर रात वह एक दरगाह पर माथा टेक कर वापस गुरदासपुर लौट रहे थे।
डीडीसीए ने उसके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के लि, दिल्ली के मुख्यमंत्रh अरविंद केजरीवाल और निलंबित भाजपा सांसद कीर्ति आजाद और अन्य आप कार्यकर्ताओं पर मानहानि का मामला दर्ज करने का फैसला किया है।
दिल्ली और जिला क्रिकेट संघ के कथित भ्रष्टाचार को लेकर भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के बीच चल रही सिेयासत के बीच इस मसले की जांच के लिए गठित गोपाल सुब्रह्मण्यम आयोग ने जांच के लिए और मैन पावर की मांग की है।
दिल्ली सरकार ने ऑटो रिक्शा परमिट जारी करने में भ्रष्टाचार के आरोप में एक डिप्टी कमिश्नर समेत दिल्ली परिवहन विभाग के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया। इन अधिकारियों पर ऑटो परमिट जारी करने में गलत तरीके अपनाने और धांधली करने का आरोप है।
सन 2015 बीतने को है। इस साल कई फिल्मी सितारों के बच्चे ने अपने परिवार की अभिनय की विरासत को आगे बढ़ाते हुए बॉलीवुड में कदम रखा। इस लिहाज से यह साल नए अदाकारों का रहा।
दिलवाले सच में दिलवालों की फिल्म है। इतना झेलने के लिए बड़ा दिल चाहिए। काली बनाम राज (शाहरूख खान) और राज बनाम काली के बीच चलती इस फिल्म में मीरा (काजोल), वीर (वरुण धवन) और इशिता (श्रुति सेनन) हैं। गोवा में फिल्म शुरू होकर बुल्गारिया में फ्लैश बैक में पहुंच जाती है। फिर गोवा और हैप्पी एंडिंग।
दिल्ली के परिवहन मंत्री गोपाल राय ने एक जनवरी से लागू सम और विषम अंकों वाली गाड़ियों पर नियमों में थोड़ा बदलाव करने की घोषणा की है। नए नियमों के मुताबिक, अब सम और विषम गाड़ियां दिन के हिसाब से नहीं, बल्कि तारीख के हिसाब से चला करेंगी। यानी सम तारीख को सम नंबर की गाड़ियां और विषम तारीख को विषम नंबर की गाड़ियां चला करेंगी।
ग्रीनपीस इंडिया ने आज एक बयान जारी कर दावा किया कि संस्था के तौर पर उसके पंजीकरण को तमिलनाडु में रजिस्ट्रार ऑफ सोसाइटीज ने रद्द कर दिया है। इस कार्रवाई को ग्रीनपीस ने स्वतंत्र अभिव्यक्ति और असहमति के स्वर को दबाने का प्रयास करार दिया है।
दिलवाले दुलहनिया ले जाएंगे को आए कितने साल बीत गए। पूरे 20 साल जी। शाहरूख-काजोल की यह जोड़ी आज तक वहीं पर खड़ी है। जब भी दोनों की बात होती है इस फिल्म की चर्चा जरूरी होती है।