राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आज वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) पर संविधान संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी। यह नयी अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था को लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ज्योति प्रसाद राजखोआ ने अपने पद से इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया है। लेकिन केंद्र सरकार ने तत्काल इनको हटाने का फैसला नहीं किया है। राज्य की विधानसभा के दो दिनों के सत्र में गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स से जुड़े संविधान (122वां संशोधन) विधेयक पर मुहर लगाई जा सकती है। जिसके बाद राजखोआ को पद से हटाने के संकेत हैं।
सरकार ने शत्रु संपत्ति अधिनियम संशोधन विधेयक में संशोधन करने वाले अध्यादेश को जारी किए जाने को कार्याेत्तर प्रभाव से आज स्वीकृति प्रदान की। यह अध्यादेश चौथी बार जारी किया गया है।
गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) पर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के यू-टर्न से नॉर्थ ब्लॉक चिंता में है। विधानसभा का अल्पकालीन सत्र बुलाकर जीएसटी के संविधान संशोधन विधेयक पर मुहर लगाने की बात थी, लेकिन आखिरी मौके पर ममता बनर्जी ने समय के अभाव में इस पर चर्चा नहीं कराने का फैसला किया। अब इस मुद्दे को लेकर ममता बनर्जी को मनाने में जुट गए हैं केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली। श्री जेटली चाहते हैं कि ममता बनर्जी को जो गलतफहमियां हो गई हैं, उन्हें दूर कर लिया जाए। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इसी कारण केंद्रीय वित्त सचिव अशोक लवासा को कोलकाता भेजने का फैसला किया गया है, जो वहां के वित्त मंत्री अमित मित्र और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात करेंगे और अफसरों के साथ बैठक कर जीएसटी की राह आसान करने की कोशिश करेंगे।
अगर कोई सेलिब्रिटी भ्रामक विज्ञापन करता है और उससे आम लोगों का नुकसान होता है तो इस सेलिब्रिटी को सजा मिलेगी। केंद्र सरकार ने ऐसा ही मसौदा तैयार किया है जिसके तहत भ्रामक विज्ञापन करने वाली सेलिब्रिटी पर 50 लाख रूपये तक का जुर्माना और पांच साल तक की सजा हो सकती है। इस मसौदे को मंगलवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता वाले अंतर-मंत्रालय पैनल में विचार के लिए रखा जाएगा।
मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने कहा है कि जीएसएटी का संग्रह केंद्र के बजाय स्थानीय निकायों को करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र जीएसटी में राज्यों को उनका हिस्सा देने में विफल रहता है तो स्थानीय निकाय ढह जाएंगे।
जीएसटी संविधान संशोधन विधेयक पर पश्चिम बंगाल के ताजे रुख ने राजनीतिक दांवपेंच फिर शुरू होने की आशंका पैदा कर दी है। राज्य सरकार का यह कदम उसके अपने वित्त मंत्री के लिए असहज स्थिति पैदा करने वाला है, क्योंकि जीएसटी पर राज्यों के वित्त मंत्रियों की अधिकार प्राप्त समिति की अध्यक्षता उन्हीं के पास है। वित्त मंत्रियों की समिति का अध्यक्ष होने के नाते वह ऐसे राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे, जिसने खुद यह विधेयक पारित नहीं किया। वैसे पश्चिम बंगाल के इस कदम को केंद्र के साथ सौदेबाजी की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।
जीएसटी नेटवर्क पर हमला तेज करते हुये भारतीय जनता पार्टी के सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने आज कहा कि वह इसके ढांचे के विरोध को लेकर पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखेंगे।
भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने जीएसटी के लिए सूचना प्रौद्योगिकी नेटवर्क का ढांचा तैयार करने के लिये गठित कंपनी को देश विरोधी बताते हुए मंगलवार को कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक को संसद तभी पारित कर सकती है जब कि जीएसटीएन को सुरक्षा संबंधी स्वीकृति मिल चुकी हो।
बिहार विधानसभा में मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा जीएसटी संबंधी विधेयक के फायदे और अपने रुख को रेखांकित किए जाने के बाद सदन ने इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया।