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मोदी सरकार का पहला साल: उम्मीदों का बुलबुला

मोदी सरकार का पहला साल: उम्मीदों का बुलबुला

बड़ी-बड़ी उम्मीदों और वादों के साथ केंद्र की सत्ता में आई नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार अपना एक साल पूरा करने जा रही है। इस मौके पर सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस एक साल के दौरान अपने वादों और नारों पर खरे उतर पाए? इस एक साल में उनका रिपोर्ट कार्ड कैसा रहा? अगर आर्थिक नजरिये से देखा जाए तो मोदी सरकार का रिपोर्ट कार्ड बी ग्रेड का कहा जाएगा।
धर्मान्धता के इस दौर में विनोद मेहता की कमी खलेगीः सोनिया गांधी

धर्मान्धता के इस दौर में विनोद मेहता की कमी खलेगीः सोनिया गांधी

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आउटलुक समूह के दिवंगत संस्थापक संपादक विनोद मेहता को जी.के.रेड्डी मेमोरिअल अवार्ड दिया, जिसे विनोद मेहता की पत्नी सुमिता मेहता ने स्वीकार किया। दिल्ली के जवाहर भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी शामिल हुए।
आईपीएलः वाॅर्नर और बोल्ट का कहर टूटा पंजाब पर

आईपीएलः वाॅर्नर और बोल्ट का कहर टूटा पंजाब पर

डेविड वाॅर्नर की आतिशी पारी से अर्द्धशतक (58) और गेंदबाज बोल्ट के तीन महत्वपूर्ण विकेट झटकने की बदौलत आज सनराइजर्स हैदराबाद ने किंग्स इलेवन पंजाब को 20 रनों से शिकस्त दी।
सांस्कृतिक आतंकवाद फैला रही है मोदी सरकार: भाकपा

सांस्कृतिक आतंकवाद फैला रही है मोदी सरकार: भाकपा

भारत की कम्यूनिस्ट पार्टी यानी भाकपा ने मोदी सरकार पर अल्पसंख्यकों को आतंकित करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने सरकार पर देश को धार्मिक आधार पर बांटने और सांस्कृतिक आतंकवाद फैलाने का भी आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि वह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सांप्रदायिक नीतियों का विरोध करेगी।
दिल्ली में नृत्य महोत्सव की धूम

दिल्ली में नृत्य महोत्सव की धूम

दिल्ली में जीवनपानी मेमोरियल महोत्सव का आगाज हो चुका है। प्रख्यात शास्त्रीय नृत्यांगना और सेंटर फॉर इंडियन क्लासिकल डांसेस की संस्थापक सोनल मानसिंह की कल्पना का मूर्त रूप यह उत्सव अभिलाषा की अवधारणा पर है और इस बार इसे स्वच्छ भारत अभियान को समर्पित किया गया है।
कला को जीवन देती कला

कला को जीवन देती कला

खजुराहो नृत्य समारोह-एक ऐसे दौर में जब कला को खुद को जिंदा व प्रासंगिक बनाए रखने के लिए जद्दोजेहद करनी पड़ रही है, अलग-अलग कलाओं का एक-दूसरे का सहारा बनकर एक मंच पर आना एक सुकून देने वाला अनुभव है। खजुराहो नृत्य समारोह ऐसा करने में काफी हद तक कामयाब रहा है।