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Search Result : "देसी कट्टे से आत्महत्या"

पंजाब में आत्महत्या करने वाले किसान के घर पहुंचे राहुल

पंजाब में आत्महत्या करने वाले किसान के घर पहुंचे राहुल

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को पंजाब के फतेहगढ़ साहिब के दाबूमाजरा गांव पहुंचकर पिछले हफ्ते आत्महत्या करने वाले किसान सुरजीत के परिजनों से मुलाकात की। किसान सुरजीत ने पिछले हफ्ते कर्ज के बोझ के कारण सल्फास की गोली खाकर आत्महत्या कर ली थी।
केरल में एक और एथलीट ने किया आत्महत्या का प्रयास

केरल में एक और एथलीट ने किया आत्महत्या का प्रयास

भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के अधीनस्‍थ केरल के लक्ष्मीबाई नेशनल कॉलेज ऑफ फिजिकल के एक और प्रशिक्षु एथलीट ने आत्महत्या का प्रयास किया है।
देसी बम विस्फोट में दो की मौत, चार जख्मी

देसी बम विस्फोट में दो की मौत, चार जख्मी

राजनीतिक रूप से संवेदनशील केरल के कन्नूर जिले में एक देसी बम फटने से दो लोगों की मौत हो गई और चार जख्मी हो गए। बताया जा रहा है कि मौत का शिकार बने दोनों व्यक्ति माकपा के कार्यकर्ता थे।
व्यापार की राह पर खेती

व्यापार की राह पर खेती

विकास के तमाम दावों और चकाचौंध के बीच खेती और किसानी चर्चा के पाएदान पर ही रहती है। केंद्र सरकार के एक साल पूरे होने पर जहां तमाम दूसरे क्षेत्रों की सघन पड़ताल हो रही है, वहीं कृषि पर तवज्जो कम रही। वह भी तब जब पिछले तीन-चार महीने से मौसम की मार की वजह से फसल बर्बाद होने और किसानों की आत्महत्या ने देश का ध्यान बरबस ही गहराते कृषि संकट की ओर खींचा था। नरेंद्र मोदी सरकार को एक साल में किसानों की आत्महत्या, मुआवजा, भूमि अधिग्रहण जैसे मुद्दे पर विपक्षी दलों ने घेरने की लगातार कोशिश की और इसी पर केंद्र सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा। इन तमाम ज्वलंत सवालों और संकट से बाहर निकलने की सरकार की रणनीति पर बिहार के मोतिहारी से पांच बार से सांसद और केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह से बातचीत के प्रमुख अंश
तेलंगानाः किसानों के मुद्दे पर राहुल की पदयात्रा

तेलंगानाः किसानों के मुद्दे पर राहुल की पदयात्रा

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने किसानों की समस्याएं सामने लाने के लिए शुक्रवार को आदिलाबाद जिले के कोरीतिकल गांव से 15 किमी की पदयात्रा की शुरू कर दी है। कृषि संकट के चलते इस गांव में बड़ी संख्या में किसानों ने आत्महत्या की है।
ऐसी नीतियों से कतई नहीं मिलेगा किसान को मुआवजा

ऐसी नीतियों से कतई नहीं मिलेगा किसान को मुआवजा

केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से किसानों की मदद के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। फसलों को हुए नुकसान के सर्वे की रस्म अदायगी भी जारी है। लेकिन मेहनत की कमाई लुटा चुके किसानों के हाथ से मुआवजा अभी दूर है। दरअसल, फसलों के बीमा और मुआवजे की प्रक्रिया में इतने झोल हैं कि किसान तक सिर्फ आश्‍वासन ही पहुंच पाते हैं।
गजेंद्र सिंहः राजनीति और साफा कारोबार से आत्महत्या तक

गजेंद्र सिंहः राजनीति और साफा कारोबार से आत्महत्या तक

जंतर-मंतर पर आम आदमी पार्टी की रैली में राजस्थान के किसान गजेंद्र सिंह कल्याणवत की खुदकुशी ने संसद से लेकर देश भर में बहस छेड़ दी है। गजेंद्र राजस्थान के दौसा जिले के एक गांव के रहने वाले थे। उन्हें किसान बताया तो जा रहा है लेकिन वह सिर्फ किसान नहीं थे बल्कि सामाजिक और राजनीतिक रूप से सक्रिय और जागरुक नागरिक भी थे। इस वर्ष उनकी सारी फसल बरबाद हो गई थी जिस वजह से वह आहत थे।
किसान आत्महत्या के मुद्दे पर संसद में हंगामा

किसान आत्महत्या के मुद्दे पर संसद में हंगामा

किसान की खुदकुशी सहित देश में किसानों की आत्महत्या को लेकर संसद के दोनों सदनों में गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ। जिसके कारण दोनों सदनों को कुछ देर के लिए स्‍थगित करना पड़ा। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कुछ सदस्यों की ओर से प्रश्नकाल स्थगित करने के लिए दिये गये नोटिस को अस्वीकार करते हुए 12 बजे इस विषय पर चर्चा कराने और फिर गृह मंत्री राजनाथ सिंह के बात रखने की व्यवस्था दी।
गजेंद्र की खुदकुशी पर सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा

गजेंद्र की खुदकुशी पर सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा

देश की संसद से महज चंद किलोमीटर दूर जंतर-मंतर पर राजस्थान के किसान गजेंद्र सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। तंगहाली और गरीबी से तंग गजेंद्र की मौत का तमाशा देखते रहे सभी। हजारों की तादाद में वहां लोग और पुलिसक्रमी मौजूद थे। सभी ने गजेंद्र को पेड़ पर चढ़ते हुए देखा और आत्महत्या की तैयारी करते हुए भी। देखते ही देखते गजेंद्र फंदे से झूल गया और चंद सेकेंड में उसके प्राण पखेरू उड़ गए। उस वक्त आप के तमाम बड़े नेता मंच पर मौजूद थे लेकिन भाषणबाजी का सिलसिला जारी रहा। सोशल मीडिया पर इस शर्मनाक घटना को लेकर जहां नेता, किसानों की बरबाद फसलों और मौतों पर अपनी रोटियां सेंक रहे हैं वहीं आम इंसान गजेंद्र की आत्महत्या से बेहद गुस्से में है।
गजेंद्र को अंतिम विदाई देने उमड़ी भीड़

गजेंद्र को अंतिम विदाई देने उमड़ी भीड़

बुधवार को दिल्ली मेंं आम आदमी पार्टी की रैली के दौरान फंदा लगाकर खुदकशी करने वालेे नांगल झामरवाडा के किसान गजेंद्र सिंह कल्याणवत (42) की आज यहां अंत्येष्टि कर दी गई।