पंजाब के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बाजवा के साथ ही पंजाब कांग्रेस विधायक दल के नेता सुनील जाखड़ ने भी अपने पद से इस्तीफा दिया है। इन दोनों ही नेताओं ने अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को दिया जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।
बिहार में नीतीश कुमार का शपथग्रहण समारोह शुक्रवार को बड़े तामझाम से मनाया जा रहा है। वैसे तो राष्ट्रीय जनता दल के नेता नीतीश कुमार की तीन संतानों को मंत्री पद की शपथ दिलाए जाने की संभावना है लेकिन विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि उनके सबसे छोटे बेटे तेजस्वी यादव उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। तेजस्वी यादव ने महज नौवीं तक पढ़ाई की है जबकि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में मौका मिलने पर चार पारियों में सिर्फ तीन रन बनाए हैं।
श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर फाउंडेशन के संवाद श्रृंखला 2 में समसामयिक घटना पुरस्कार वापसी और उसके विरोध पर ‘अब क्या’ विषय पर संवाद का आयोजन किया गया। पुरस्कार वापसी का समर्थन और विरोध कर रहे दोनों ही पक्षों ने अपनी-अपनी बात रखी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लंदन में शनिवार को भारतीय संविधान के निर्माता और दलितों के मसीहा बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर को समर्पित एक स्मारक का उद्घाटन किया। डा. अंबेडकर एक छात्र के रूप में अपने ब्रिटेन प्रवास के दौरान 1920 के दशक में यहां रहा करते थे।
दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के अध्यक्ष स्नेह प्रकाश बंसल जहां भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच चौथे और आखिरी टेस्ट मैच की मेजबानी के लिए आश्वस्त हैं वहीं दूसरी तरफ डीडीसीए के 13 सदस्य शनिवार को तीन सदस्यीय जांच समिति के समक्ष उपस्थित हुए जो उसकी विभिन्न कमियों पर गौर कर रही है जिसमें राज्य क्रिकेट संस्था में विभिन्न स्तरों पर खिलाडि़यों के चयन में पक्षपात की शिकायतें भी शामिल हैं।
हीरो मोटोकॉर्प के संस्थापक और दोपहिया वाहन उद्योग के सिरमौर बृजमोहन लाल मुंजाल का संक्षिप्त बीमारी के बाद रविवार देर शाम नई दिल्ली में निधन हो गया। वह 92 साल के थे।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज पंजाब दौरे पर हैं जहां पवित्र ग्रंथ को लेकर तनाव चल रहा है। केजरीवाल ने शांति बहाली के लिए स्वर्ण मंदिर में अरदास की और कहा कि पंजाब में अशांति फैलाने के जानबूझकर ऐसा किया गया।
देश के सभी कोनों से, सभी भाषाओं में एक ही आवाज उठ रही है। यह अपने आप में ऐतिहासिक परिघटना है। इससे पहले इस देश में इतने बड़े पैमाने पर लेखकों-साहित्यकारों-रंगकर्मियों ने एक साथ एक ही मुद्दे पर मिलकर आवाज नहीं उठाई थी। वे सब अलग-अलग राज्यों से, अपनी-अपनी भाषाओं में एक ही स्वर बोल रहे हैं।