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सांप्रदायिकता की काट के लिए गैर मुस्लिम भी रखें एक दिन रोजा: जस्टिस काटजू

सांप्रदायिकता की काट के लिए गैर मुस्लिम भी रखें एक दिन रोजा: जस्टिस काटजू

भारतीय प्रेस काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने मंगलवार से शुरू हो रहे रमजान के महिने में सभी गैर मुस्लिमों से एक दिन रोजा रखने की अपील की है। काटजू ने ऐसा मुस्लिमों के साथ एकजुटता दिखाने और सांप्रदायिकता के जहर को खत्म करने के मकसद से कहा है।
जेएनयू: यौन उत्पीड़न के आरोपों से मुक्त हुए पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष

जेएनयू: यौन उत्पीड़न के आरोपों से मुक्त हुए पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष

करीब दो साल पहले यौन उत्पीड़न के आरोप लगने के बाद जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने को मजबूर हुए अकबर चौधरी को विश्वविद्यालय प्रशासन की जांच में इन आरोपों से मुक्त कर दिया गया है।
चर्चाः शाह की चुप्पी की सलाह कितनी जायज

चर्चाः शाह की चुप्पी की सलाह कितनी जायज

ताकत मौन में या मीडिया के पास? मीडिया कहां चुप रहे, कहां मुंह खोले और कहां ध्यान दे? सत्ता में आने के बाद अधिकांश राजनेता मीडिया को नई राह दिखाने की कोशिश करते हैं। पत्रकारिता की ‘लक्ष्मण रेखा’ पार करने वाले एक वर्ग के कारण मीडिया को घेरने की गुंजाइश बनती है।
अंग्रेजों के एजेंट थे सावरकरः काटजू

अंग्रेजों के एजेंट थे सावरकरः काटजू

एक ओर जहां केंद्र सरकार आज देश में विनायक दामोदर सावरकर जयंती मना रही है वहीं सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और भारतीय प्रेस परिषद के पूर्व अध्यक्ष मार्कंडेय काटजू ने सावरकर के स्वतंत्रता सेनानी होने पर ही सवाल उठा दिए हैं और कहा है कि वह अंग्रेजों के एजेंट थे।
ठाकुर बीसीसीआई के सबसे युवा अध्यक्ष बने, शिर्के सचिव

ठाकुर बीसीसीआई के सबसे युवा अध्यक्ष बने, शिर्के सचिव

अनुराग ठाकुर (41) आज बीसीसीआई की विशेष आम बैठक में सर्वसम्मति से बोर्ड के अध्यक्ष चुने गए जबकि अजय शिर्के को सचिव चुना गया है। ठाकुर स्वतंत्रता के बाद सबसे कम उम्र के बीसीसीआई अध्यक्ष बन गए हैं, यह चुनाव ऐसे समय में हुआ जब दुनिया का सबसे अमीर बोर्ड उतार-चढाव के दौर से गुजर रहा है।
‘भारत में मीडिया के लिए खतरनाक माहौल’

‘भारत में मीडिया के लिए खतरनाक माहौल’

भारत पत्रकारों पर हमले के मामले में विश्व में 13वें नंबर पर है और भारत में उत्तर प्रदेश इस मामले में पहले नंबर एक पर। हाल ही में झारखंड में पत्रकार अखिलेश प्रताप सिंह और उसके बाद बिहार के सीवान जिले में पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या ने देश में पत्रकारों की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
बुंदेलखंड के लिए केंद्र की भेजी जल ट्रेन निकली खाली, जांच के आदेश

बुंदेलखंड के लिए केंद्र की भेजी जल ट्रेन निकली खाली, जांच के आदेश

सूखाग्रस्त बुंदेलखंड के लोगों को राहत पहुंचाने के मकसद से केंद्र सरकार द्वारा भेजी गई जल ट्रेन खाली निकली है। इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ने केंद्र के भेजे पानी के टैंकरों को स्वीकारने से मना कर दिया था।
जंगल में आग: एनजीटी ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश से मांगा जवाब

जंगल में आग: एनजीटी ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश से मांगा जवाब

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के जंगलों में लगी आग के मुद्दे पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि वह यह देखकर स्तब्ध है कि हर कोई मुद्दे को इतने हल्के तरीके से ले रहा है। एनजीटी ने दोनों राज्यों की सरकारों को नोटिस जारी किया।
चर्चाः मीडिया को बख्‍शा नहीं जाए | आलोक मेहता

चर्चाः मीडिया को बख्‍शा नहीं जाए | आलोक मेहता

सत्ताधारियों को तलवार लटकाना बहुत अच्छा लगता है। इसी तरह मीडिया का एक वर्ग सदा यह समझता रहा है कि वह सर्वश‌िक्‍तमान है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ सत्ता को बनाने-बिगाड़ने और देश की दशा तय करने का काम कर सकता है। यह दोनों प्रवृत्ति लोकतांत्रिक व्यवस्‍था में अनुचित है।
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