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Search Result : "बाल श्रमिक"

ऑपरेशन कहुटा: जब बाल चुराकर रॉ ने पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम को रोका

ऑपरेशन कहुटा: जब बाल चुराकर रॉ ने पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम को रोका

बात 70 के दशक की है जब पोखरण परिक्षण के बाद भारत परमाणु संपन्न राष्ट्र बन गया था और इसको लेकर पाकिस्तान खुद को परमाणु सक्षम करने के लिए हाथ पांव मार रहा था। उसी समय पाकिस्तान ने खुफिया तौर पर एक परमाणु संयत्र स्थापित किया और वहां पर परमाणु हथियार विकसित करने की तैयारी करने लगा। इसकी भनक लगते ही भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ ने पड़ोसी देश के उस कार्यक्रम को विफल करने के लिए एक शानदार अभियान को अंजाम दिया।
भारत के बाल श्रम कानूनों में बदलावों पर यूनीसेफ ने चिंता जताई

भारत के बाल श्रम कानूनों में बदलावों पर यूनीसेफ ने चिंता जताई

यूनीसेफ ने भारत के बाल श्रम कानून में बदलावों पर गंभीर चिंता जताई है। अंतरराष्ट्रीय संस्था ने कहा कि ये बदलाव बच्चों को पारिवारिक उद्यमों में काम करने की इजाजत देते हैं और जोखिम भरे कामों की सूची कम करते हैं।
आधुनिक हो रहे आरएसएस का इंटरनेट के जरिये युवाओं को जोड़ने का कार्यक्रम

आधुनिक हो रहे आरएसएस का इंटरनेट के जरिये युवाओं को जोड़ने का कार्यक्रम

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पारंपरिक रूप से लोगों को खुद से जोड़ने के साथ-साथ अब आधुनिक दौर के अनुसार हाईटेक होता जा रहा है। इसके तहत संघ अपनी वेबसाइट के माध्यम से अपनी पहुंच को व्यापक करने के साथ आईटी पेशेवरों तथा शहरों में रहने वाले युवाओं को भी स्वयं से जोड़ रहा है।
शिवसेना के 50 साल : स्‍थापना के वो वादे हुए फुर्र, सैनिकों को याद कहां

शिवसेना के 50 साल : स्‍थापना के वो वादे हुए फुर्र, सैनिकों को याद कहां

19 जून 1966 को बाल ठाकरे ने महाराष्‍ट्र में शिवसेना की स्‍थापना की थी। उन्‍होंने उस वक्‍त वादा किया था कि दल का उद़देश्‍य 80 फीसदी सामाजिक कार्य और 20 फीसदी राजनीति करना होगा। लेकिन शिवसेना की उधेड़बुन की राजनीति से यह आभास हो रहा है कि शिवसेना ने स्‍थापना के अपने स्‍लोगन को लगभग भुला दिया है। गठन के बाद से ही शिवसेना ने खुद को 100 फीसदी राजनीतिक पार्टी के तौर पर स्‍थापित किया है।
आरएसएस से जुड़े मजदूर संघ ने भाजपा सरकार की नीतियों को श्रमिक विरोधी बताया

आरएसएस से जुड़े मजदूर संघ ने भाजपा सरकार की नीतियों को श्रमिक विरोधी बताया

भारतीय मजदूर संघ ने अतंरराष्ट्रीय लेबर कॉन्फ्रेंस में भारत सरकार के श्रमिक विरोधी रवैये की कड़ी आलोचना की है। गौरतलब है कि (बीएमएस) को वर्तमान सरकार समर्थक श्रमिक यूनियन माना जाता है क्योंकि इसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने ही खड़ा किया है।
शिवराज का राज, मध्‍यप्रदेश में सात लाख बच्‍चे मजदूर, तीन लाख निरक्षर

शिवराज का राज, मध्‍यप्रदेश में सात लाख बच्‍चे मजदूर, तीन लाख निरक्षर

गैर सरकारी संगठन क्राई :चाइल्ड राइट एंड यू: के विश्लेषण में यह बात सामने आई है कि मध्यप्रदेश में करीब सात लाख बच्‍चे मजदूर हैं। इनमें से तीन लाख बाल मजदूर या तो निरक्षर हैं या उनकी पढ़ाई-लिखाई मजदूरी करने की वजह से प्रभावित हो रही है।
महाराष्ट्र: सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भाजपा-शिवसेना में तनाव

महाराष्ट्र: सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भाजपा-शिवसेना में तनाव

अगले साल निर्धारित मुंबई नगर निगम चुनावों से पहले शिवसेना नेतृत्व को गलत ढंग से पेश करती सोशल मीडिया पोस्टों के वायरल होने से भाजपा और शिवसेना के बीच तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। माना जा रहा है कि सोशल मीडिया पर ये पोस्ट भाजपा के खिलाफ शिवसेना की टीका-टिप्पणियों के जवाब में डाली गई हैं।
उड़ता पंजाब : अदालत ने कहा, सेंसर बोर्ड को बाल की खाल नहीं निकालनी चाहिए

उड़ता पंजाब : अदालत ने कहा, सेंसर बोर्ड को बाल की खाल नहीं निकालनी चाहिए

बम्बई उच्च न्यायालय ने एक तीखी टिप्पणी में शुक्रवार को कहा कि सेंसर बोर्ड को बहुत अधिक बाल की खाल नहीं निकालनी चाहिए ताकि फिल्म उद्योग में रचनात्मक लोग बढ़ सकें। अदालत ने इसके साथ ही कहा कि उड़ता पंजाब के निर्माताओं को अपशब्दों वाले एवं अश्लील दृश्यों को नरम करना चाहिए क्योंकि केवल इन्हीं से फिल्म नहीं चलती। न्यायमूर्ति एस. सी. धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति शालिनी फनसालकर जोशी की एक खंड़पीठ ने कहा कि वह मामले पर 13 जून को आदेश पारित करेगी।
मेनका बोलीं, जानवरों को मारने के लिए राज्‍यों को लिखी जा रही चिट्ठी

मेनका बोलीं, जानवरों को मारने के लिए राज्‍यों को लिखी जा रही चिट्ठी

महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने आरोप लगाया है कि पर्यावरण मंत्रालय जानवरों को मारने के लिए राज्‍यों को चिट्ठी लिख रहा है। उन्‍होंने कहा कि मंत्रालय हर राज्य को लिख रहा है कि किस जानवर को मारना है। हमें बताइएं, हम आपको इजाजत दे देंगे। बंगाल और हिमाचल में उन्होंने हाथी को मारने की अनुमति दे दी है। गोवा में कह दिया कि मोर को मारें।
गर्मियों में ऐसे रखें त्वचा का ध्यान

गर्मियों में ऐसे रखें त्वचा का ध्यान

गर्मियों में आंतरिक सौंदर्य बनाए रखने के लिए शरीर में पर्याप्त मात्रा में पानी की उपलब्धता बनाए रखना जरूरी है। गर्मियों में तापमान की वजह से शरीर में से काफी मात्रा में तरल पदार्थ कम हो जाते हैं। इनकी शरीर में बराबर उपलब्धता बनाए रखने के लिए कम से कम 6 से 8 गिलास पानी पीना चाहिए। गर्मियों में अत्याधिक पसीने से शरीर में तरल पदार्थो की कमी हो जाती है।
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