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Search Result : "बिगड़े बोल"

अक्षुण्‍ण नहीं बोल पाए थे मोदी, दोबारा लें शपथ: लालू

अक्षुण्‍ण नहीं बोल पाए थे मोदी, दोबारा लें शपथ: लालू

राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप से शपथ लेने में हुई चूक का मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है। बहुत से लोग इस त्रुटि को तेज प्रताप की शिक्षा और अनुभव से जोड़कर लालू यादव पर निशाना साध रहे हैं। लेकिन आज लालू यादव ने पलटवार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ही लपेट में लिया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की शपथ के दौरान एक शब्द के गलत उच्चारण की याद दिलाते हुए कहा कि उन्‍हें दोबारा शपथ लेनी चाहिए।
वीके सिंह के विवादित बोल, पैसे लेकर छेड़ी असहिष्णुता पर बहस

वीके सिंह के विवादित बोल, पैसे लेकर छेड़ी असहिष्णुता पर बहस

केंद्रीय मंत्री वी.के. सिंह फिर अपने बोल को लेकर विवादों में हैं। इस बार उन्होंने देश में असहिष्‍णुता को लेकर छिड़ी बहस पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि भारत में असहिष्णुता पर बहस उन लोगों ने छेड़ी जिन्हें इस काम के लिए पैसे दिए गए और यह बहस कुछ ज्यादा ही कल्पनाशील लोगों के दिमाग की गैर जरूरी उपज है और खास बिहार चुनाव से पहले राजनीति से प्रेरित होकर शुरू कर गई थी।
मोदी के मंत्रियों के बेतुके बोल, वीके सिंह का विवादित बयान

मोदी के मंत्रियों के बेतुके बोल, वीके सिंह का विवादित बयान

मोदी सरकार के मंत्रियों के विवादित बोल सरकार की किरकिरी कराने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। केंद्रीय गृह राज्‍य मंत्री किरण री‍जीजू के उत्‍तर भारतीयों के बारे में विवादित बयान के बाद अब केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने फरीदाबाद में दो बच्‍चों को जिंदा जलाने की घटना के बारे में बेतुका बयान दिया है। वीके सिंह ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति किसी कुत्ते को पत्थर मारता है तो उसके लिए केंद्र को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
दादरी मुद्दे पर फरहान के बोल

दादरी मुद्दे पर फरहान के बोल

जावेद अख्तर की तरह उनके बेटे फरहान अख्तर भी सामाजिक और राजनैतिक मसलों पर अपनी अलग राय रखते हैं। फरहान ने अपने फेसबुक पेज पर दादरी में हुए हत्याकांड पर कड़ी आपत्ति जाहिर की है।
प्रचार के हल्ला-बोल में चुनावी गणित का उतार-चढ़ाव

प्रचार के हल्ला-बोल में चुनावी गणित का उतार-चढ़ाव

शुरुआती दौर में बिहार के शहरों में भाजपा प्रचार में आगे दिख रही है। अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए ऊंची जातियों को सक्रिय करने में सफल रही है, लेकिन आपसी फूट भी जबर्दस्त है। बिहारी मतदाता अपने पत्ते अभी खोलने को तैयार नहीं
आजादी विशेष | मत बोल कि जुबां है बंदिश में तेरी

आजादी विशेष | मत बोल कि जुबां है बंदिश में तेरी

अभिव्यक्ति की आजादी के लिए यह वर्ष नाटकीय रहा है। यह इंडियाज डॉटर पर सेंसरशिप से लेकर श्रेया सिंघल फैसले के उत्साह और फिर गुपचुप तरीके से इंटरनेट पर पोर्नोग्राफी को ब्लॉक करने की सरकारी कोशिश के बीच झूलता रहा। हालांकि हर घटना ने अलग-अलग नाराजगी पैदा की मगर सच यही है कि ये सभी जुड़ी हुई हैं। ये सभी अभिव्यक्ति की आजादी पर खतरे को दूर रखने वाले संवैधानिक सुरक्षा उपायों में मौजूद खामियों को बताने वाले चेतावनी संकेत हैं।
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