बिहार में मानसून की बारिश ने कुछ परिवारों को तबाह कर दिया है। आसमान से आकाशीय बिजली गिरने से राज्य में 46 लोगों की मौत हो गई है। दस लोग घायल बताए जा रहे हैं। सबसे अधिक पटना जिले में सात लोगों की मौत हुई है। आकाशीय बिजली को ठनका कहते हैं। झारखंड और उत्तर प्रदेश में भी बारिश अपने साथ तबाही लेकर आई। झारखंड के गढ़वा में बिजली गिरने से पांच लोगों की मौत हो गई। उत्तर प्रदेश में
करीब 20 लोग आकाशीय बिजली का शिकार हुए।
बिहार इंटरमीडिएट परीक्षा में टाॅपर्स घोटाले के कथित मास्टरमाइंड बिहार विद्यालय परीक्षा बोर्ड :बीएसईबी: के पूर्व अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद सिंह और उनकी पत्नी एवं जदयू की पूर्व विधायक उषा सिन्हा को सोमवार को उत्तर प्रदेश के वाराणसी से गिरफ्तार किया गया।
पीके17 यानी प्रशांत किशोर 2017 के तारणहार बनकर केवल कांग्रेसियों को टिकट के सपने ही नहीं दिखा रहे बल्कि चीफ मिनिस्टर की कुर्सी के प्रस्ताव लेकर बीजेपी के नेताओं के पास भी जा रहे हैं। पीके महाराज की इस पहल से वरिष्ठ कांग्रेस नेता ही नहीं गांधी परिवार के सदस्य भी नाराज हैं।
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले अयोध्या मुद्दा जहां फिर सुर्खियों में है, वहीं एक पूर्व आईपीएस अधिकारी द्वारा लिखी गई किताब में दावा किया गया है कि अयोध्या में राम मंदिर बाबर के शासनकाल के दौरान नहीं, बल्कि औरंगजेब के शासनकाल में तोड़ा गया था।
भारतीय मजदूर संघ ने अतंरराष्ट्रीय लेबर कॉन्फ्रेंस में भारत सरकार के श्रमिक विरोधी रवैये की कड़ी आलोचना की है। गौरतलब है कि (बीएमएस) को वर्तमान सरकार समर्थक श्रमिक यूनियन माना जाता है क्योंकि इसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने ही खड़ा किया है।
बिहार के शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी द्वारा मंगलवार को ट्विटर पर डियर कहकर संबोधित किए जाने से केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी भड़क गईं। इस मामले पर दोनों मंत्रियों के बीच ट्विटर के जरिये ही जमकर शब्दबाण चले।
बिहार के चर्चित टॉपर घोटाले में मुख्य आरोपी बच्चा राय से निकटता के आरोपों का सामना कर रहे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने सोमवार को विरोधियों पर पलटवार किया। राजद प्रमुख और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से बच्चा राय की निकटता का आरोप लगाया।
गैर सरकारी संगठन क्राई :चाइल्ड राइट एंड यू: के विश्लेषण में यह बात सामने आई है कि मध्यप्रदेश में करीब सात लाख बच्चे मजदूर हैं। इनमें से तीन लाख बाल मजदूर या तो निरक्षर हैं या उनकी पढ़ाई-लिखाई मजदूरी करने की वजह से प्रभावित हो रही है।