मथुरा के जवाहर बाग पर दो साल से सत्याग्रह के नाम पर कब्जा जमाने वाले रामवृक्ष यादव का जब असली चेहरा सामने आया तो उसके साथ रहने वाले भी अब कहते हैं कि नहीं जानते।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने उत्तर प्रदेश में सत्ताधारी समाजवादी पार्टी पर सीधे तौर पर हमला बोला है। उन्हाेंने कहा कि राज्य में एक नहीं बल्कि छह मुख्यमंत्री हैं लेकिन इसके बावजूद यहां प्रशासन पूरी तरह ठप्प है। हालांकि उन्होंने इस दौरान किसी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन उनका साफ इशारा सीएम अखिलेश और उनके पिता मुलायम सिंह यादव और चाचाओं की तरफ था। अमित शाह ने मथुरा के जवाहर बाग में अतिक्रणकारियों को हटाने के दौरान हुई हिंसा के लिए राज्य की सत्ताधारी समाजवादी पार्टी को जिम्मेदार ठहराया।
उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में पुलिस एवं अतिक्रमणकारियों की झड़प वाले जवाहर बाग में स्थिति का जायजा लेने के इरादे से शनिवार सुबह यहां पहुंची सांसद हेमामालिनी को पुलिस ने प्रवेश करने से रोक दिया।
उत्तर प्रदेश के मथुरा में अतिक्रमणरोधी एक अभियान के दौरान हुई हिंसा में शहर पुलिस अधीक्षक तथा एक थाना प्रभारी सहित 21 लोगों की मौत हो गई। हिंसा और गोलीबारी में 40 से अधिक लोग घायल हो गए। हमले में 19 अतिक्रमणकारियों की भी मौत हुई है।
मथुरा हिंसा मेंं मारे गए पुलिस अधिकारियो के परिवार से मिलने का समय न तो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पास है और न ही स्थानीय सांसद हेमामालिनी के पास। अखिलेश सूबे में अपनी सरकार की उपलब्धियां गिना रहे हैं तो हेमा मालिनी अपनी पिक्चर के प्रमोशन में व्यस्त हैं। यहां तक कि उन्होंने ट्विटर पर भी घटना को लेकर कोई संवेदना व्यक्त नहीं की है।
हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा पर गठित की गई कमेटी के अध्यक्ष बीएसएफ के पूर्व डायरेक्टर जनरल प्रकाश सिंह ने अपनी रिपोर्ट में दंगा रोकने में नाकाम राज्य प्रशासन के करीब 80 अधिकारियों का नाम शामिल किया है। इनमें पांच आईएएस तथा पांच आईपीएस अधिकारी भी हैं। सेना की मौजूदगी को गंभीरता से लेते हुए कमेटी ने कहा कि पाकिस्तान के साथ एक छोटे युद़ध में जितनी सेना लगार्इ्र जा सकती है, उतने जवान हरियाणा में उतार दिए गए थे।
बांग्लादेश में सत्ताधारी दल द्वारा विपक्ष और अन्य विरोधी समूहों के खिलाफ एक और कार्रवाई में पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया को हिंसा के दो और मामलों में आरोपी बनाया गया है। जिया की कानूनी मुश्किलें बढ़ाने वाले इन आरोपों में उन्हें हिंसा को उकसाने की जिम्मेदार बताया गया है।
भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने यह कहकर तूफान पैदा कर दिया है कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ता आरएसएस से प्रशिक्षित हैं और वो खाली हाथ भी तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कंधा तोड़ सकते हैं। इसको लेकर सत्तारूढ़ दल, कांग्रेस और वाम दलों ने आलोचना की है।
जीत का जश्न अभी थमा भी नहीं कि बंगाल में राजनीतिक हिंसा के मुद्दे पर विपक्ष ने सरगर्मी तेज कर दी है। इस मुद्दे पर विपक्ष के साथ ही राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी के साथ भी टकराव के रास्ते पर हैं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर राजनीतिक हिंसा की घटनाओं पर चिंता जताई है और उन्हें कहा है कि पुलिस को संयत रहकर और निष्पक्ष होकर काम करने का निर्देश दें। उधर, विपक्षी कांग्रेस और वाममोर्चा गठबंधन ने ममता बनर्जी के शपथ ग्रहण समारोह का बॉयकॉट करने का ऐलान किया है। ममता बनर्जी 27 मई को राजभवन में शपथ लेंगी।
केरल में वाम मोर्चा की जीत के बाद माकपा और भाजपा कार्यकर्ताओं की झड़प की गूंज आज राष्ट्रीय राजधानी में भी सुनाई पड़ी। भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात कर उनसे हस्तक्षेप की मांग की। इससे पहले दिन में माकपा कार्यालय के बाहर दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई जिसके बाद करीब 600 लोगों को हिरासत में लिया गया।