भारत के बैंकिंग क्षेत्र पर मुख्य तौर पर 2011-13 के दौरान अटकी परियोजनाओं के कारण कुछ दबाव है और इन परियोजनाओं की मुश्किलें दूर करने की कोशिशें की जा रही है।
हस्तकला क्षेत्र में भारतीय मुसलमानों का अपना विशेष स्थान है लेकिन वक्त के साथ-साथ शहरीकरण समेत अनेक वजहों के चलते मुसलमान हस्तकला और कुटीर उद्योगों से किनारा कर रहे हैं। इन परंपरागत उद्योगों को जिंदा रखने और मुसलमानों में विभिन्न व्यापारिक गतिविधियों को दिशा देने के लिए ‘दि मुस्लिम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एमसीसीआई) स्थापना की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय मुसलमानों की व्यापारिक गतिविधियों विशेष रूप से परंपरागत कला संबंधी लघु उद्योगों को मजबूत करना है।
भारत के प्रमुख चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने कहा है कि यदि सभी राजनीतिक दलों में आम सहमति बने और इस संदर्भ में संवैधानिक संशोधन हों तो भारतीय चुनाव आयोग आम चुनाव और राज्य विधानसभा के चुनावों को एक साथ करवाने के लिए तैयार है।
चीन द्वारा एनएसजी में प्रवेश बाधित करने को लेकर भारत की कड़ी प्रतिक्रियाओं के बीच चीन के एक सरकारी समाचार पत्र ने कहा है कि भारत अब भी 1962 के युद्ध की मानसिकता मे अटका हुआ है। समाचार पत्र ने बीजिंग के रुख का अधिक तथ्यपरक मूल्यांकन किए जाने की अपील की।
बांग्लादेश से सटे भारतीय इलाकों में सीमा सुरक्षा बल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। भारत के सीमावर्ती गांवों में सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया है। ढाका के कैफे पर आतंकी हमले के बाद साजिशकर्ताओं में से कई के भारत भागकर आने और यहां छुपने की आशंका जताई जा रही है। असम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल की पुलिस और सीमा सुरक्षा बल का संयुक्त अभियान एवं रिवर पेट्रोलिंग सरहदी इलाकों में शुरू किया गया है। मेघालय, मिजोरम, बिहार, झारखंड और उड़ीसा में भी सतर्कता जारी की गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्राजील के रियो डि जनेरियो में होने वाले आगामी ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाडि़यों से आज मुलाकात की और उन्हें शुभकामनाएं दी।
कनाडा में अपना पहला ग्रां प्री खिताब जीतने के बाद आत्मविश्वास से भरे भारत के बी. साई प्रणीत की नजरें अब मंगलवार से शुरू हो रहे 120000 डालर इनामी अमेरिकी ओपन ग्रां प्री गोल्ड बैडमिंटन टूर्नामेंट पर टिकी हैं।
महान भारत देश में करीब 30 लाख संस्थाओं ने ‘स्वयंसेवी’ संगठन के रूप में अपना रजिस्ट्रेशन करवा रखा है। लेकिन मात्र 10 प्रतिशत संस्थाएं ही अपनी आमदनी-खर्च का विवरण आयकर विभाग को देती हैं। सेवा करने वालों को अपने बही-खाते की पारदर्शिता रखने से परहेज क्यों है?