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बेचा जमीर: बेटी के नाम पर पुलिस ने मांगा घूस, तो दिव्यांग मां ने सड़कों पर भीख मांगकर दिए हजारों

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उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में विकलांग विधवा मां पिछले एक महीने से अपनी गुमशुदा बेटी की तलाश में लगी...
वीएचपी की रैली में बोले भैयाजी जोशी, हम भीख नहीं मांग रहे, राम मंदिर के लिए कानून बनाए सरकार

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अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के हजारों कार्यकर्ता दिल्ली...
ट्रांसजेंडर कभी भीख मांगने को थी मजबूर, बनी जज

ट्रांसजेंडर कभी भीख मांगने को थी मजबूर, बनी जज

यह उनके समुदाय के लिए ऐतिहासिक क्षण था। कभी गुजर बसर के लिए भीख मांगने के लिए मजबूर जोइता मंडल अब लोक अदालत में जज बन गई हैं। जोइता के लिए यह मुकाम इसलिए भी खास है क्योंकि वह ट्रांसजेंडर हैं। लेकिन उनके लिए यह सफर इतना आसान नहीं था।
भिखारी से बनें कारोबारी

भिखारी से बनें कारोबारी

लगभग 35 साल पहले 65 वर्षीय सुनील घोषाल बंगाल में अपने गांव हरोका से भागकर वृंदावन आ गए थे। वह बताते हैं कि उनके शरीर में कुष्ठ रोग के हल्के से कुछ दाग उभर आए थे। इस वजह से उनके घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी गई। किसी मेहमान के आने पर घोषाल को छिपा दिया जाता। एक रोज उनकी बड़ी बहन को लड़के वाले देखने आए तो घोषाल को एक कमरे में बंद कर दिया गया। ऐसी जिंदगी से तंग आकर अगले ही दिन वह बिना किसी को बताए घर से भाग गए। कुछ दिन उत्तर प्रदेश की खाक छानते रहे फिर वृंदावन आकर बस गए।
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