ईरान और विश्व के कुछ अन्य प्रमुख देश स्विट्जरलैंड में लंबी वार्ता के बाद तेहरान के परमाणु अभियान पर नियंत्रण के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक समझौते की रूपरेखा पर आज सहमत हो गये।
तेहरान के विवादपूर्ण परमाणु कार्यक्रम पर ईरान और छह वैश्विक शक्तियों के बीच बनी सहमति का भारत ने आज स्वागत किया है। इसके साथ ही भारत ने यह उम्मीद जताई है कि यह आपसी सहमति 30 जून तक एक समग्र समझौते का रूप ले सकेगी।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी कहां हैं, क्या कर रहे हैं इसको लेकर राजनीतिक दल चुटकी ले रहे हैं। कहीं राहुल के गायब होने को लेकर पोस्टर चिपकाएं जा रहे हैं तो कहीं एफआईआर तक लिखवाने की बात हो रही है। अब कहा जा रहा है कि राहुल गांधी कांग्रेस द्वारा दिल्ली में आयोजित किसान रैली में प्रकट होंगे।
मध्य प्रदेश के महान जंगल इलाके के अमिलिया में महान संघर्ष समिति ने लोकतंत्र महोत्सव मनाया। इस मौके पर ग्रामीणों ने भूमि अधिग्रहण के खिलाफ विशाल जनसभा की और भूमि अधिग्रहण विधेयक की प्रतियां फाड़ीं। सभा में सरकार की तरफ से महान जंगल को कोयला खदान के लिये आंवटित नहीं करने के निर्णय को लोकतंत्र की जीत बताया गया।
भारत की कम्यूनिस्ट पार्टी यानी भाकपा ने मोदी सरकार पर अल्पसंख्यकों को आतंकित करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने सरकार पर देश को धार्मिक आधार पर बांटने और सांस्कृतिक आतंकवाद फैलाने का भी आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि वह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सांप्रदायिक नीतियों का विरोध करेगी।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंन्द्र सिंह ने कहा कि भूमि अधिग्रहण विधेयक को लेकर सियासत नहीं होनी चाहिए। उन्होने कहा कि सरकार भूमि अधिग्रहण विधेयक पर विपक्षी पार्टियों के साथ आम सहमति बनाने की एक और कोशिश कर सकती है और फिर से अध्यादेश भी जारी कर सकती है।
भूमि अधिग्रहण विधेयक को राजनीतिक रंग नहीं देने का आग्रह करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने आज कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और अन्ना हजारे सहित विभिन्न नेताओं को किसी भी मंच पर खुली चर्चा के लिए पत्र लिखा है और राष्ट्रहित में इसे पारित कराने में सहयोग मांगा है।
मोदी सरकार ने संसद में भूमि अधिग्रहण विधेयक को पारित कराने के लिए सारी शक्ति झोंक रखी है। अलग-अलग मंत्रियों को इसके लिए विपक्ष को राजी करने की जिम्मेदारी सौंप रखी है।
केंद्र की भूमि अधिग्रहण नीति पर भारी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने फैसला किया है कि अब से विकास परियोजनाओं के लिए जमीन को भूमि स्वामियों और भूमि धारकों के साथ परस्पर समझौते के जरिए अधिग्रहित किया जाएगा।
अमेरिकी कंपनी मिराक कैपिटल ने सहारा समूह के खिलाफ 40 करोड़ डालर का मानहानि का मुकदमा करने की बात कही है। मिराक का आरोप है कि सहारा समूह के साथ वित्तीय सौदा नाकाम रहने के कारण उसे अपूरणीय क्षति हुई है और उसके निवेशकों का भरोसा हिला है।