देश के उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों और मुख्यमंत्रियों के संयुक्त सम्मेलन के दौरान एक क्षण ऐसा भी आया जब भारत के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति तीरथ सिंह ठाकुर बेहद भावुक हो गए और उनका गला भर आया।
भारत के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर ने आज कहा कि उच्चतम न्यायालय का कोलेजियम पुनरीक्षित प्रक्रिया-पत्रा (मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर) पर सरकार को अगले हफ्ते तक अपना जवाब देगा। प्रक्रिया-पत्र एक ऐसा दस्तावेज है जो उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति के मामलों में मार्गदर्शन करता है।
भारतीय क्रिकट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) ने आज एक अहम फैसला लेते हुए राहुल जौहरी को संस्था का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया। राहुल जौहरी मीडिया उद्योग के जाने-पहचाने नाम हैं जिनके पास मीडिया क्षेत्र में 20 सालों का लंबा अनुभव है।
वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पी पी पांडे ने आज गुजरात के प्रभारी पुलिस महानिदेशक का पदभार संभाल लिया। इससे पहले निवर्तमान डीजीपी पी सी ठाकुर का अप्रत्याशित तरीके से दिल्ली तबादला कर दिया गया था।
देश के जाने-माने अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत भूषण ने कहा है कि देश की न्यायिक व्यवस्था चरमराई हुई है और इसे सुधारने के लिए देश में कानूनी जागरूकता के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता का एक बड़ा आंदोलन चलाना होगा।
आज से 43 साल पुराने कानून का हवाला देते हुए केंद्र ने कहा है कि भारत कोहिनूर हीरे को वापस प्राप्त नहीं कर सकता है। इस नियम के तहत उन प्राचीन वस्तुओं को वापस लाने की अनुमति नहीं है, जो आजादी से पहले देश से बाहर ले जाई जा चुकी हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने आज मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड को 4जी लाइसेंस प्रदान करने को चुनौती देने वाली एक स्वयंसेवी संगठन की याचिका को खारिज कर दिया। मुख्य न्यायाधीश टी.एस. ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्वयंसेवी संगठन, सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (सीपीआईएल) की याचिका खारिज कर दी जिसने सरकार द्वारा कंपनी को अपने 4जी स्पेक्ट्रम पर वॉयस सेवा प्रदान करने की मंजूरी देने के फैसले को चुनौती दी थी।
पनामा की लॉ फर्म मोसेक फोंसेका से लीक दस्तावेजों के आधार पर टैक्स हेवन में 500 भारतीयों के नाम के खुलासे के साथ यह सवाल प्रमुखता से उठाया जा रहा है कि क्या वाकई इन लोगों के खिलाफ कोई कानूनी मामला बनता है या नहीं। और, अगर होता इस पूरे खुलासे के दो कानूनी पहलू हैं, जिनपर आगे जाकर स्थिति स्पष्ट होगी-पहला यह कि क्या इन भारतीयों ने भारतीय कानून के तहत यानी कानूनी रूप से करोड़ों रुपये के निवेश किए और दूसरा यह कि कानूनी रूप से नहीं फंसने के बावजूद नैतिक आधार पर यह गलत है।