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लक्षित हमलों में लश्कर-ए-तैयबा को सबसे अधिक नुकसान : रिपोर्ट

लक्षित हमलों में लश्कर-ए-तैयबा को सबसे अधिक नुकसान : रिपोर्ट

भारतीय सेना द्वारा नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार आतंकी ठिकानों पर किए गए लक्षित हमलों में पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को अधिकतम नुकसान पहुंचा। खुफिया एजेंसियों द्वारा पकड़ी गई बातचीत से जुड़े आकलन रिपोर्ट के मुताबिक लश्कर के लगभग 20 आतंकवादी मारे गए।
आतंकी बहादुर अली ने पाकिस्तान की चाल का खुलासा किया

आतंकी बहादुर अली ने पाकिस्तान की चाल का खुलासा किया

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पकड़े गए लश्कर-ए-तैयबा के पाकिस्तानी आतंकी बहादुर अली से पूछताछ के आधार पर कहा है कि उसे पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से निर्देश मिलते थे। बहादुर अली ने एनआईए को बताया है कि उसे पाकिस्तान में लश्कर के ठिकानों पर ट्रेनिंग दी गई और कश्मीर में माहौल बिगाड़ने का काम सौंपा गया। इसमें पाकिस्तान सेना का भी सहयोग रहता था।
मुंबई हमले के आरोपियों और सरकार को पाक अदालत का नोटिस

मुंबई हमले के आरोपियों और सरकार को पाक अदालत का नोटिस

पाकिस्तान की एक प्रमुख अदालत ने मुंबई हमले के मामले में जकीउर रहमान लखवी सहित सातों आरोपियों और सरकार को नोटिस जारी किया है। भारत पहुंचने के लिए लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों द्वारा इस्तेमाल की गई नौका की जांच के लिए एक आयोग गठित करने की मांग वाली अभियोजन पक्ष की याचिका पर यह नोटिस जारी किया गया है।
हेडली का दावा, हाफिज ने कहा था ठाकरे को सबक सिखाने की जरूरत

हेडली का दावा, हाफिज ने कहा था ठाकरे को सबक सिखाने की जरूरत

पाकिस्तानी अमेरिकी आतंकवादी डेविड कोलमेन हेडली ने एक आतंक निरोधी अदालत के सामने खुलासा किया कि लश्कर ए तैयबा के प्रमुख और 26/11 के मुख्य षड़यंत्रकारी हाफिज सईद ने मुंबई आतंकी हमलों से पहले उससे कहा था कि शिवसेना प्रमुख दिवंगत बाल ठाकरे को सबक सिखाने की जरूरत है।
मुंबई हमले के बाद हेडली के घर गए थे पाकिस्तानी पीएम गिलानी

मुंबई हमले के बाद हेडली के घर गए थे पाकिस्तानी पीएम गिलानी

एक सनसनीखेज खुलासे में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी डेविड कोलमेन हेडली ने आज मुंबई की एक अदालत को बताया कि मुंबई पर 26/11 आतंकी हमलों के कुछ सप्ताह बाद ही पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री यूसुफ रज़ा गिलानी उसके घर आए थे।
हेडली का खुलासा, बाल ठाकरे को मारना चाहती थी लश्कर-ए-तैयबा

हेडली का खुलासा, बाल ठाकरे को मारना चाहती थी लश्कर-ए-तैयबा

मुंबई के 26/11 हमलों में अमेरिका से गवाही दे रहे आतंकी डेविड हेडली ने एक बड़ा खुलासा किया है। हेडली ने अदालत को बताया कि आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा दिवंगत शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे की हत्या करना चाहती थी और इसके लिए उसने कोशिश भी की थी लेकिन जिस शख्स को शिवसेना प्रमुख की हत्या करने का काम सौंपा गया था उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।
गुजरात में पाक से घुसे लश्कर के दस आतंकी, हाई अलर्ट जारी

गुजरात में पाक से घुसे लश्कर के दस आतंकी, हाई अलर्ट जारी

पाकिस्तान की ओर से कुछ आतंकियों के घुसपैठ की सूचना पर गुजरात में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। राज्य की सभी महत्वपूर्ण और खास जगहों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। आशंका है कि सोमवार को महाशिवरात्रि के अवसर पर कुछ गड़बड़ करने के उद्देश्य से यह आतंकी भारत में दाखिल हुए हैं।
अभी तक जेएनयू घटना के लश्कर से जुड़ाव का सबूत नहीं: बस्सी

अभी तक जेएनयू घटना के लश्कर से जुड़ाव का सबूत नहीं: बस्सी

जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी को उचित ठहराते हुए दिल्ली पुलिस आयुक्त बी एस बस्सी ने सोमवार को दावा किया कि कन्हैया ने परिसर में विवादित कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रविरोधी नारे लगाए थे लेकिन पुलिस को अब तक जेएनयू की घटना का लश्करे तैयबा से जुड़ाव का सबूत नहीं मिला है।
राजनाथ का दावा-जेएनयू प्रदर्शन को हाफिज सईद का समर्थन, विपक्ष ने मांगे सबूत

राजनाथ का दावा-जेएनयू प्रदर्शन को हाफिज सईद का समर्थन, विपक्ष ने मांगे सबूत

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज यह दावा कर राजनीतिक विवाद पैदा कर दिया कि जेएनयू में पिछले दिनों संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरू की फांसी के विरोध में हुए कार्यक्रम को आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद का समर्थन मिला था। राजनाथ के बयान के तुरंत बाद विपक्षी पार्टियों ने मांग की कि गृह मंत्री जेएनयू परिसर में हुए कार्यक्रम को लेकर किए गए अपने दावे को साबित करने के लिए सबूत दें।
आईएसआई के निशाने पर थे मुंबई एयरपोर्ट और  नौसेना स्टेशन

आईएसआई के निशाने पर थे मुंबई एयरपोर्ट और नौसेना स्टेशन

पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकवादी डेविड हेडली ने अदालत को बताया है कि आईएसआई और लश्कर 26/11 आतंकवादी हमलों के दौरान मुंबई हवाईअड्डे और नौसेना स्टेशन को निशाना बनाना चाहते थे और उसने भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) की वीडियोग्राफी की थी और उसे वहां के किसी ऐसे व्यक्ति को भर्ती करने को कहा गया था जो पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के लिए काम कर सके।
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