अभिनेता दिलीप कुमार को पिछले सप्ताह सांस लेने में दिक्कत पैदा होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था और अब उनकी सेहत में सुधार हो रहा है लेकिन उन्हें कम से कम तीन दिन और अस्पताल में ही रहना होगा। 93 वर्षीय दिलीप कुमार को 16 अप्रैल को उपनगर बांद्रा के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बरेली में एक किसान रैली को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2022 तक देश के किसानों की आमदनी को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए कहा कि छोटे-छोटे कदम उठाकर कृषि क्षेत्र के सामने खड़ी चुनौतियों को अवसरों में बदला जा सकता है। रैली में उन्होंने राज्य सरकारों को किसानों को केंद्र सरकार के साथ मिलकर किसानों की स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव लाने का भी आह्वान किया।
विश्व कैंसर दिन के मौके पर पंजाब कांग्रेस की कमान संभाल रहे और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट किया है कि अगर उनकी सरकार सत्ता में आती है तो पंजाब के लोगों को बेहतर स्वाथ्य सुविधाएं देगी।
कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि राहुल ने पहले के मुकाबले बहुत तरक्की की है। लेकिन भाजपा को पीछे छोड़ने के लिए संसद में उन्हें अपनी आक्रामकता और बढ़ाने की जरूरत है।
जमीयत उलेमा ए हिंद बुधवार को एक साथ देश के सभी प्रमुख शहरों में आतंकवाद के खिलाफ प्रदर्शन करेगी। जमीयत उलेमा ए हिंद ने पेरिस में हुए आतंकी हमले की निंदा करते हुए आज कहा, इस्लाम में क्रिया की प्रतिक्रिया की कोई जगह नहीं है और इस्लाम के नाम पर मासूमों की हत्याएं करना, इस्लाम के नाम का दुरूपयोग करना है।
पूर्व टेस्ट क्रिकेटर और भाजपा नेता नवजोत सिंह सिद्धू को कल नसों में खून का थक्का जमने यानी डीप वीन थ्रोम्बोसीस की बीमारी के उपचार के लिए दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बहुचर्चित शीना बोरा हत्याकांड में मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है और मुंबई के जे.जे. अस्पताल के मुताबिक उनकी जिंदगी के लिए अगले 48 घंटे काफी अहम हैं। एक दवा का कथित तौर पर अधिक सेवन करने के बाद इंद्राणी को बाइकुला जेल से जे.जे. अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जे.जे. अस्पताल के डीन डॉ. टी.पी. लहाने ने आज पत्रकारों को बताया, अगले 48 घंटे उनके लिए नाजुक हैं। लहाने से पूछा गया था कि क्या इंद्राणी खतरे से बाहर है।
हाल में किए गए एक अध्ययन के मुताबिक भारत में शहरों की तुलना में गांवों में बच्चों का टीकाकरण कराने की दर बेहतर है जबकि पहले के अध्ययनों के परिणामों में इसके विपरीत बात कही गई थी। इसके साथ ही टीकाकरण की दर के मामले में मुसलमानों के बजाए हिंदू परिवारों के बच्चे बेहतर स्थिति में हैं।