Search Result : "Ambedkar poltics"

महात्मा गांधी की तरह धोती पहनना चाहते हैं राहुल

महात्मा गांधी की तरह धोती पहनना चाहते हैं राहुल

बिहार में चंपारण से चुनावी बिगुल फूंक राहुल गांधी ने सूट-बूट की सरकार पर साधा निशाना और केंद्र की सरकार को लूट की सरकार कहा। चंपारण में युवाओं को रोजगार के लिए चार लाख रुपये देने का भी वादा किया।
हिंदी दिवस पर कवियों का जुटान

हिंदी दिवस पर कवियों का जुटान

कवि-कहानीकारों के लिए वैसे तो हर दिन हिंदी का दिन होता है। लेकिन साल में एक दिन खास मनाया जाता है जो हिंदी के लिए कोने-कोने में प्रयासरत लोगों को एक मंच पर जुटा लाता है।
भगवा रंग में रंगे जदयू के बागी विधायक

भगवा रंग में रंगे जदयू के बागी विधायक

जनता दल यूनाइटेड के बागी विधायक अब भारतीय जनता पार्टी का गुणगान कर रहे हैं। तकनीकी कारणों से भाजपा में शामिल न हो पाने के कारण ये विधायक जदयू के साथ बने हुए हैं लेकिन भाजपा का प्रचार कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुज्जफरपुर की रैली को सफल बनाने के लिए जदयू के बागी विधायकों ने पूरा जोर लगाया और यहां तक की रैली में भी शामिल हुए।
आईआईटी-मद्रास को देनी पड़ी छात्र समूह को मान्‍यता

आईआईटी-मद्रास को देनी पड़ी छात्र समूह को मान्‍यता

कई दिनों चले विवाद के बाद आईआईटी-मद्रास ने अंबेडकर-पेरियार स्‍टडी सर्किल की मान्‍यता फिर से बहाल कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की आलोचना को लेकर इस छात्र संगठन के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। लेकिन मामला तूल पकड़ता देख संस्‍थान को अपना फैसला बदलना पड़ा।
कैबिनेट के निर्णय: फिर जारी होगा भूमि अध्यादेश

कैबिनेट के निर्णय: फिर जारी होगा भूमि अध्यादेश

भले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहें ‌कि भूमि विधेयक उनके लिए जीवन मरण का प्रश्न नहीं है मगर केंद्रीय कैबिनेट ने शनिवार को फैसला लिया कि भूमि अध्यादेश फिर से जारी होगा। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को यह अध्यादेश फिर भेजा जाएगा।
निर्यात हिंदुत्व और जाति का

निर्यात हिंदुत्व और जाति का

जातिगत उत्पीडऩ और भेदभाव के खिलाफ मुखर होता दलित डायस्पोरा इससे चिंतित।भारतीय डायस्पोरा का यह दलित स्वर या दलित डायस्पोरा दुनिया के तमाम बड़े देशों में धीरे-धीरे मजबूत होता दिख रहा है। गैर दलित डायस्पोरा ने तो बड़ी तादाद में (सबने नहीं) अपनी राजनीति स्पष्ट कर दी है, अपना झुकाव स्पष्ट कर दिया है, दलित डायस्पोरा अभी उसके साथ खड़ा नहीं दिख रहा। भारत की नई सरकार से उसे भी अपेक्षाएं हैं। वह भी बेहतर सुविधाओं और व्यापार की संभावनाओं के प्रति आशावान है लेकिन जाति तथा जातिगत उत्पीडऩ के सवाल पर फिलहाल कोई समझौता करता नहीं दिखता।
Advertisement
Advertisement
Advertisement