नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पड़पोते चंद्र कुमार बोस आज भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में वह भाजपा में शामिल हुए।
जैसा कि उम्मीद जताई जा रही थी अमित शाह को एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी की कमान मिल गई है। अमित शाह को तीन साल के पूर्ण कार्यकाल के लिए निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया है। गौरतलब है कि आउटलुक ने 18 जनवरी को ही अमित शाह के दोबारा अध्यक्ष बनाए जाने के फैसले की खबर दे दी थी।
साल 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान अप्रैल माह में मुजफ्फरनगर जिले में कथित रूप से घृणा फैलाने वाले भाषण देने के मामले में उत्तरप्रदेश पुलिस ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को क्लीनचिट दे दी।
भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे ने अपनी वेबसाइट www.vinaysahasrabuddhe.in लॉन्च की है। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने इसे लोकार्पित किया।
सन 1951 में पहला काव्य संग्रह पथ के गीत का प्रकाशन। तब से निरंतर रचना कर्म में सक्रीय। आग की हंसी के लिए सन 2015 का साहित्य अकादमी सम्मान। कविता, उपन्यास, कहानी, ललित निबंध, आत्मकथा, आलोचना, यात्रावृत्तांत, डायरी, समीक्षा, संस्मरण आदि सभी विधाओं में लेखन। दयावती मोदी कवि शेखर सम्मान, शलाका सम्मान, महापंडित राहुल सांकृत्यायन सम्मान, व्यास सम्मान सहित कई पुरस्कार एवं सम्मान।
गीत, कविता, कहानियां, गजल, निबंध हर विधा में रामदरश मिश्र ने अपनी कलम चलाई है। वह नामी साहित्यकार से पहले संवेदनशील, उदार, स्नेहशील, सहज और सहृदयी व्यक्तित्व के स्वामी हैं। सन 2015 का साहित्य अकादमी पुरस्कार उनकी पुस्तक आग की हंसी के लिए देने की घोषणा हुई है। इस मौके पर साहित्य अकादमी, दिल्ली, के सभागार रामदरश मिश्र जी ‘लेखक से मिलिए’ कार्यक्रम में अपने पाठकों, प्रशंसकों से रूबरू हुए।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस समिति ने सन 2014 में अंतागढ़ उपचुनाव के टेप सामने आने के बाद कांग्रेस विधायक अमित जोगी को दोषी पाते हुए उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया है।
16 दिसंबर की शाम हिंदी भवन, दिल्ली में किताबघर प्रकाशन के संस्थापक पं. जगत राम आर्य के जन्मदिन पर कथाकार विवेक मिश्र को उनके उपन्यास ‘डॉमनिक की वापसी’ के लिए ‘आर्य स्मृति साहित्य सम्मान 2015’ प्रदान किया गया। यह सम्मान हर साल साहित्य की किसी एक विधा को प्रकाशन के संस्थापक श्री जगत राम आर्य की स्मृति में दिया जाता है। इस बार उपन्यास विधा की पांडुलिपियां आमंत्रित की गई थीं। तीन सदस्य के निर्णायक मंडल, असगर वजाहत, प्रताप सहगल तथा अखिलेश ने विवेक मिश्र के उपन्यास ‘डॉमनिक की वापसी’ को इस सम्मान के लिए चुना।
बिहार चुनाव 2015 नें राजनीति में कई मानक गढ़े है। इस चुनाव में नीतीश कुमार ने नरेंद्र मोदी एवं अमित शाह की मजबूत जोड़ी को शिकस्त दी है। राजनीतिक विश्लेषक एवं प्रबुद्व पत्रकार इसे देश की राजनीतिक को भी प्रभावित करने की बात करते है।