इस साल के अंत में होने जा रहे गुजरात विधानसभा के चुनाव में मुख्यमंत्री पद के लिए कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में नामांकन हासिल करने के लिए लॉबिंग शुरू हो गई है।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में भाजपा की एकतरफा जीत को नरेंद्र मोदी के पक्ष में मतदान करार देते हुए एक प्रख्यात अमेरिकी विशेषज्ञ ने आज कहा कि परिणामों से पता चलता है कि लोग प्रधानमंत्री को काम करने वाला व्यक्ति मानते हैं।
शुरुआती हिचकोलों के बाद सपा-कांग्रेस गठबंधन के विधानसभा चुनाव प्रचार के जोर पकड़ने के मद्देनजर प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों बसपा और भाजपा को मुस्लिम बहुल पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी रणनीति में रद्दोबदल करना पड़ा है।
गोवा विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा और कांग्रेस के टिकट बंटवारे से नाराज दोनों दलों के कुछ बड़े नेताओं ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पर्चा भरा है तो कुछ लोगों ने चुनाव प्रचार से हाथ खींच लिए हैं।
गोवा में आगामी विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार एल्विस गोम्स भू-उपयोग परिवर्तन घोटाला मामले में जांच के संबंध में आज राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के समक्ष पेश हुए।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में आज सत्तारूढ तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व में नोटबंदी के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया गया। हालांकि उसे कांग्रेस और वामदलों का समर्थन हासिल नहीं हुआ जो राष्ट्रीय स्तर पर मोदी सरकार द्वारा किये गये फैसले का विरोध करते हुए उसके साथ हैं।
केंद्र सरकार द्वारा 500 और 1000 रुपये के नोटों का चलन बंद किए जाने का असर उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव लड़ने जा रही राजनीतिक पार्टियों की तैयारियों पर भी पड़ सकता है। हालांकि सभी पार्टियां केंद्र सरकार के इस कदम से खुद पर पड़ने वाले असर के मुद्दे पर खामोश हैं, लेकिन चुनावों के लिए पार्टियों द्वारा चंदा एकत्र किए जाने के अब तक के तौर-तरीकों से यह सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि बड़े नोटों का चलन बंद हो जाने से उन पर क्या असर पड़ेगा।
उत्तर प्रदेश के अगले विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की ओर से महागठबंधन बनाने की कवायद के बीच छह वामपंथी दलों ने आज एक मंच से प्रदेश के मतदाताओं से विकल्प चुनने की साझा अपील की।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने पर चर्चा की वकालत करने के बीच कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि इससे हर साल चुनाव पर होने वाले खर्च को कम करने और सरकारी फैसलों के आचार संहिता से प्रभावित होने से बचा जा सकेगा जबकि कुछ का कहना है कि इसमें संघीय लोकतंत्र बनाए रखना और दलीय लोकतंत्र की खामियां एक बड़ी चुनौती है।