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केवी में एडमिशन : सांसदों को दाखिले पर गरीब बच्चों को वरीयता देनी होगी

केवी में एडमिशन : सांसदों को दाखिले पर गरीब बच्चों को वरीयता देनी होगी

केंद्रीय विद्यालयों में दाखिले के सांसद कोटा में जल्द ही अहम बदलाव हो सकता है। नए प्रावधानों में सांसद कोटा के तहत होने वाले दाखिले के लिए गरीब बच्चों को वरीयता देनी होगी। पिछली सरकार के दौरान इस कोटे को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया था, मगर सांसदों के भारी विरोध के बाद इस फैसले को वापस लेना पड़ा था।
स्कूल में भी साहित्योत्सव

स्कूल में भी साहित्योत्सव

साहित्य उत्सव या लिट फेस्ट अब स्कूल तक पहुंच गए हैं। अब तक इस तरह के उत्सव किसी शहर में बड़े साहित्यकारों के बीच ही होते थे। यह पहली बार है कि किसी स्कूल ने अपने यहां साहित्योत्सव आयोजित किया है।
18,473 स्कूली छात्रों ने गीता श्लोक पढ़कर बनाया रिकार्ड

18,473 स्कूली छात्रों ने गीता श्लोक पढ़कर बनाया रिकार्ड

अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के तहत गीतामय युवा चेतना कार्यक्रम में 18,473 स्कूली छात्रों ने साथ मिलकर गीता के 18 अध्यायों से 18 श्लोक पढ़े जिस पर हरियाणा सरकार ने नया विश्व रिकार्ड कायम करने का दावा किया।
देश में अब सिर्फ हरा गलियारा रह जाएगा : रमन सिंह

देश में अब सिर्फ हरा गलियारा रह जाएगा : रमन सिंह

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ से नक्सलियों का बहुत जल्द सफाया हो जाएगा क्योंकि उनके नेतृत्व में सरकार राज्य में नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़क, रेल तथा अन्य प्रकार के संपर्क बनाने में पूरी ताकत से जुड़ी है। उन्होंने दावा कि उनकी सरकार ने बस्तर के दुर्गम से दुर्गम इलाकों में जनवितरण प्रणाली के तहत एक रुपये किलो के दर से चावल और मुफ्त में नमक की आपूर्त‌ि सुनिश्चित कर दी है जिससे नक्सल प्रभावित इलाके के लोगों में सरकार के प्रति भरोसा बढ़ा है।
छत्तीसगढ़: आदिवासी हत्या मामले में डीयू और जेएनयू के प्रोफेसर पर मामला दर्ज

छत्तीसगढ़: आदिवासी हत्या मामले में डीयू और जेएनयू के प्रोफेसर पर मामला दर्ज

छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित सुकमा जिले में एक आदिवासी ग्रामीण की हत्या के आरोप में जेएनयू और दिल्ली विश्वविद्यालय की एक-एक प्रोफेसर के साथ कुछ माओवादियों और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
आतंकवाद बहादुरों का नहीं, कमजोरों का हथियार : राजनाथ सिंह

आतंकवाद बहादुरों का नहीं, कमजोरों का हथियार : राजनाथ सिंह

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि आतंकवाद बहादुरों का नहीं कमजोरों का हथियार है, लेकिन शायद इस हकीकत को हमारा पड़ोसी देश नहीं समझ रहा है। सिंह ने छत्तीसगढ़ की नई राजधानी नया रायपुर में पांच दिवसीय राज्योत्सव के समापन पर राज्य स्थापना दिवस अलंकरण समारोह को संबोधित करते हुए पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कहा कि एक हमारा पड़ोसी देश है जो बार बार आतंकवाद को बढ़ावा देता है तथा भारत को परेशान करने की कोशिश करता है। वह भारत में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देता है।
पीएम मोदी विकास में तेजी के लिए चाहते हैं कौशल विकास

पीएम मोदी विकास में तेजी के लिए चाहते हैं कौशल विकास

गरीबों के सशक्तिकरण की पैरवी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि कुशल युवक खुद को गरीबी से बाहर निकाल सकते हैं और विकास को तेजी प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पर्यावरण पर्यटन की अपार संभावना वाले छत्तीसगढ़ जैसे राज्य अपने विकास के लिये थोड़ी-बहुत पूंजी निवेश कर रोजगार सृजन कर सकते हैं।
संघ से जुड़े संगठन की मंशा, अंग्रेजी को दबा मातृ भाषा पर दिया जाए जोर

संघ से जुड़े संगठन की मंशा, अंग्रेजी को दबा मातृ भाषा पर दिया जाए जोर

आरएसएस से जुड़े संगठन शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की मंशा है कि स्कूलों में उच्च शिक्षा तक मातृ भाषा में ही बच्चों को सभी निर्देश दिए जाएं। न्‍यास ने नई शिक्षा नीति की सिफारिश में इस तरह की इच्‍छा व्‍यक्‍त की है। सिफारिश मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेजी गई है। संगठन चाहता है कि जल्द लागू होने वाली नई शिक्षा नीति में उसकी सिफारिशों पर गौर करते हुए अंग्रेजी की जगह मातृ भाषा को बढ़ावा जाए।
राहुल की आलोचना : विधायक बोले हटा दो मुझे पर गधे को घोड़ा नहीं कहूंगा

राहुल की आलोचना : विधायक बोले हटा दो मुझे पर गधे को घोड़ा नहीं कहूंगा

कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी और छत्‍तीसगढ़ के प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व के कामकाज की आलोचना करके चर्चा में आए गुंडरदेही के विधायक आरके राय अब पूरी तरह खुलकर सामने आ गए हैं। उन्‍होंने साफ कहा है कि पार्टी आलाकमान मुझे निकाल दे इसका मुझे डर नहीं लेकिन मैं गधे को घोड़ा कभी नहीं कहूंगा।
छत्तीसगढ़ के बस्तर में 75 दिनों तक चलता है विश्व प्रसिद्ध दशहरा

छत्तीसगढ़ के बस्तर में 75 दिनों तक चलता है विश्व प्रसिद्ध दशहरा

छत्तीसगढ़ के बस्तर में 75 दिनों तक चलने वाले विश्व प्रसिद्ध दशहरा के लिए इन दिनों लगभग 34 गांवों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। यहां रथ खींचने का अधिकार केवल किलेपाल के माड़िया लोगों को ही है। रथ खींचने के लिए जाति का कोई बंधन नहीं है। हर गांव से परिवार के एक सदस्य को रथ खींचना ही पड़ता है। इसकी अवहेलना करने पर परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए जुर्माना लगाया जाता है।