सीपीआई नेता बृंदा करात ने आर्मी चीफ को नियंत्रण में रहने की सलाह देते हुए कहा है कि भारत के आर्मी चीफ को इस तरह की बयानबाजी शोभा नहीं देती, उन्हें इससे बचना चाहिए।
जहां किसानों का गुस्सा शिवराज सरकार की नीतियों पर जमकर फूटा है वहीं भाजपा के बड़े नेता कैलास विजयवर्गीय का विवादित बयान आया है। विजयवर्गीय ने कहा कि किसान मुख्यमंत्री के पैर धोकर पीना चाहते हैं।
जम्मू-कश्मीर जैसे तनावग्रस्त इलाकों में महिला प्रदर्शनकारियों से लड़ने के लिए भारतीय सेना जल्द ही महिला सैनिकों की तैनाती करेगा। इस खबर की पुष्टि सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने आज देहरादून में पासिंग ऑउट परेड में की। उन्होंने कहा कि सैन्य पुलिस में अब महिलाओं की भी भर्ती शुरू की जाएगी।
सहारनपुर हिंसा के दौरान चर्चा में आए भीम सेना प्रमुख चंद्रशेखर उर्फ रावण को आज गिरफ्तार कर लिया गया है। दंगे के समय फरार चल रहे चंद्रशेखर की गिरफ्तारी गुप्त सूचना के बाद हिमाचल के डलहौजी से हुई है।
भारतीय सेना के प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने आज कहा कि भारत बाहरी खतरों के साथ-साथ आंतरिक खतरों से भी एकसाथ निपटने को तैयार है। आने वाले समय में यह बात साबित भी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि भारत ढाई मोर्चे (चीन, पाकिस्तान और आंतरिक सुरक्षा) पर युद्ध लड़ने के लिए सक्षम है।
पुडुचेरी की उप-राज्यपाल किरण बेदी और सीएम नारायण सामी के बीच तकरार बढ़ती ही जा रही है। सीएम नारायण सामी के बयान के बाद किरण बेदी ने भी सीएम पर पलट वार किया है। किरण बेदी ने कहा कि सीएम बताएं कि वह एक रबड़ स्टैंप चहातें है या फिर एक जिम्मेदार प्रशासक।
आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने कहा कि आर्मी में महिलाओं को लड़ाकू भूमिका की इजाजत देने की प्रॉसेस तेज की जा रही है। इसके बाद महिलाएं भी पुरुषों के साथ मिलकर दुश्मनों से मुकाबला कर सकेंगी। हालांकि शुरुआत में उन्हें मिलिट्री पुलिस के पदों पर अप्वाइंट किया जाएगा। आर्मी के इस निर्णय को काफी अहम कदम माना जा रहा है।
गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने के बयान से चर्चा में आए राजस्थान हाईकोर्ट के जज महेश चंद्र शर्मा ने अब कहा कि मोर को इसलिए राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया गया, क्योंकि वह ब्रह्मचारी होता है। बिना मैथुन क्रिया के ही मोर आपने आंसुओं से मोरनी को गर्भवती कर देता है।
कश्मीर की मुश्किलों पर बात करते हुए आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने कहा है कि पत्थरबाजों को पत्थर की जगह गोलियां चलानी चाहिए। उन्होंने कहा, “सच्चाई तो ये है कि इन लोगों (पत्थरबाजों) को हम पर पत्थर फेंकने की जगह फायरिंग करनी चाहिए। तब मुझे ज्यादा खुशी होगी। क्योंकि, तब मैं वो कर पाउंगा जो करना चाहता हूं।”
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस मार्कण्डेय काटजू ने सोशल मीडिया साइट के माध्यम से कहा कि देश में सभी प्रकार के जाति आधारित आरक्षण बंद होने चाहिए। उन्होंने इसे देश के लिए एक अभिशाप बताया है।