18 सदी के मैसूर के शासक टीपू सुल्तान को लेकर विवाद गंभीर मोड़ पर पहुंचता जा रहा है। इस विवाद में बुधवार को नया मोड़ तब आया जब मशहूर अभिनेता और नाटककार गिरीश कर्नाड को जान से मारने की धमकी दी गई।
अठारहवीं सदी में मैसूर के शासक टीपू सुल्तान की जयंती पर समारोह आयोजित करने को लेकर फैली हिंसा में विश्व हिंदू परिषद के एक नेता की मौत हो गई तथा पुलिसकर्मियों समेत कई अन्य घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि यहां पास के एक इलाके में कुछ अज्ञात लोगों द्वारा की गई गोलीबारी में एक युवक घायल भी हो गया। पूरे कोडागू जिले में निषेधाज्ञा लागू कर है तथा हालात को नियंत्रण में लाने के लिए अतिरिक्त बलों को इलाके में भेजा गया है।
बिहार चुनाव के नतीजों पर विचार विमर्श करने के लिए आज हुई भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद भाजपा ने बिहार में हार के लिए किसी भी नेता को जिम्मेदार ठहराने की बात को खारिज करते हुए इस आलोचना को भी नकार दिया कि संघ प्रमुख मोहन भागवत के आरक्षण की समीक्षा संबंधी बयान ने हार में एक बड़ी भूमिका अदा की।
गाय को पवित्र कब से माना गया और क्यों माना गया, यह व्यापक विवाद और विमर्श का विषय है। इस बात पर भी भयंकर मतभेद है कि प्राचीन सभ्यताएं गोमांस को स्वीकृति देती थीं और भारत के आदिकालीन निवासी अपने खान-पान में उसे शामिल करते थे। आर्ष ग्रंथों में आई उन बातों को भी अब कोई नहीं सुनता है कि किसी जमाने में गौमेध यज्ञ भी हुआ करते थे। अब जब गाय को पवित्र मान कर उसे मां का दर्जा दे ही दिया गया है और उसे आस्था की वस्तु बनाकर आलोचना से परे रख दिया गया है तो उस पर बहस की कोई गुंजाईश रही ही कहां है। अब तो ‘वन्दे धेनुमातरम‘ और ‘जय गोमाता‘ कहो, गोकथा कराओ, गोदूध महोत्सव मनाओ, गोशाला चलाओ, गोमंदिर बनाओ, गोकुल धाम निर्मित करो और गोअनुसंधान एवं गोरक्षा के नाम पर तरह-तरह के संगठन और सेनाएं बनाकर जमकर हंगामा मचाओ। आज गाय के नाम पर सब कुछ जायज है क्योंकि गाय हमारी माता है, गाय की रक्षा करना हमारा धर्म है, यह पुण्य का काम है।
पाकिस्तान के खिलाफ शिवसेना के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच आखिरी और पांचवें एकदिवसीय मैच के लिए पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेट वसीम अकरम और शोएब अख्तर कमेंट्री नहीं कर पाएंगे। वहीं पाकिस्तानी अंपायर अलीम डार की जगह अब श्रीलंका के अंपायर धर्मसेना इस मैच की अंपायरिंग करते नजर आएंगे।
उदय प्रकाश, अशोक वाजपेयी और नयनतारा सहगल सहित 21 लेखकों द्वारा साहित्यिक सम्मान लौटाने की घोषणा पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि हिन्दू धर्म को विकृत करने और भारत को नष्ट करने के प्रयासों में सेकुलर ग्रंथि से पीड़ित कुछ असहिष्णु कलमकारों ने अपने तमगे लौटा दिए हैं।
संगीत नाटक अकादमी लंबे समय बाद फिर सक्रिय हो गई है। पिछले दिनों अकादमी में बेगम अख्तर की जन्मशती वर्ष पूरे होने के अवसर पर नामी कलाकारों के कार्यक्रम कराए।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे दादरी में बीफ खाने की अफवाह फैलाकर
सांप्रदायिक उन्मादियों द्वारा एक मुस्लिम परिवार पर हमला करके 50
वर्षीय एखलाक नाम के व्यक्ति की हत्या राष्ट्रीय बहस का मुद्दा बना हुआ
है। कटघरे में संघ परिवार है, जिसके कुछ लोग इसे गलतफहमी में की गई हत्या
बता रहे हैं तो कुछ इसे अत्यधिक जोश में की गई कार्रवाई।
जावेद अख्तर की तरह उनके बेटे फरहान अख्तर भी सामाजिक और राजनैतिक मसलों पर अपनी अलग राय रखते हैं। फरहान ने अपने फेसबुक पेज पर दादरी में हुए हत्याकांड पर कड़ी आपत्ति जाहिर की है।