दलित समुदाय से आने वाले भाजपा के एक सांसद ने रविवार को पार्टी को आगाह किया कि समुदाय के सदस्यों पर हमले की हालिया घटनाओं का असर 2017 में होने वाले विधानसभा चुनावों पर पड़ेगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह करेंगे कि देश में कानून का शासन हो।
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को क्रियांवित करने के लिए केंद्र सरकार ने मंगलवार को अधिसूचना जारी कर दिया। अधिसूचना जारी हो जाने से केंद्रीय कर्मचारियों-अधिकारियों को अगस्त माह से ही बढ़ा हुआ वेतन मिलने की संभावना है।
यूनीसेफ ने भारत के बाल श्रम कानून में बदलावों पर गंभीर चिंता जताई है। अंतरराष्ट्रीय संस्था ने कहा कि ये बदलाव बच्चों को पारिवारिक उद्यमों में काम करने की इजाजत देते हैं और जोखिम भरे कामों की सूची कम करते हैं।
महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन एमसीए के अध्यक्ष शरद पवार छह महीने में अपना पद छोड़ देंगे क्योंकि एमसीए ने बीसीसीआई और इसकी मान्यता प्राप्त इकाइयों में आमूलचूल बदलाव के उच्चतम न्यायालय के फैसले को स्वीकृति दे दी है।
कश्मीर घाटी में कुछ स्थानों पर हुई हिंसा और झड़प के मद्देनजर सोमवार को भी कर्फ्यू जारी रहा और लगातार तीसरे दिन कोई भी अखबार नहीं आया। वहीं पुलवामा जिले में पथराव कर रही भीड़ के हमले में सत्तारूढ़ पीडीपी के एक विधायक घायल हो गए।
अमेरिका के एक शीर्ष रिपब्लिकन नेता ने शरिया कानून में विश्वास रखने वाले मुसलमानों को अमेरिका से निष्कासित करने के अपने बयान पर यू टर्न लेते हुए कहा कि मीडिया ने उनका बयान तोड़-मरोड़ कर पेश किया।
अमेरिका ने साफ कहा है कि भारत की वृद्धि दर को बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया है। ऐसा मालूम होता है। अमेरिका ने यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार आर्थिक सुधार के संबंध में अपने वादों को पूरा करने की दिशा में धीमी रही है हालांकि उसने नौकरशाही और एफडीआई की रोक कम करने जैसेे अहम कदम उठाए हैंं।
यूपी चुनाव को ध्यान में रखते हुए यूनिफॉर्म सिविल कोड लाने की भाजपा की तैयारी पर मुस्लिम समाज बिफर सा गया है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह नकार दिया है। उसने आरोप लगाया है कि महज वोटों की राजनीति के लिए भाजपा यह मसले को उछाल रही है।
यूनिफॉर्म सिविल कोड (समान नागरिक संहिता) पर एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने विधि आयोग से इस मुद्दे का अध्ययन करने को कहा है। सरकार के इस पहल को समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है जिससे देश का राजनीतिक तापमान बढ़ने की आशंका है।