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PM मोदी ने कहा- बच्चों के हाथ में बंदूक थमा रहे अर्बन माओवादी, कांग्रेस को इनसे हमदर्दी

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छत्तीगसढ़ में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के लिए सभी दल प्रचार के लिए पूरी तरह जुट गए हैं। भारतीय...
छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष का दावा, नक्सली नेता 'गणपति' ने फोन पर दिया समर्थन का ऑफर

छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष का दावा, नक्सली नेता 'गणपति' ने फोन पर दिया समर्थन का ऑफर

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने हाल ही में एक सनसनीखेज दावा किया है। कांग्रेस...
CBSE पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट दोबारा परीक्षा को लेकर 4 अप्रैल को करेगा सुनवाई

CBSE पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट दोबारा परीक्षा को लेकर 4 अप्रैल को करेगा सुनवाई

परीक्षा लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट सीबीएसई बोर्ड की दोबारा परीक्षा को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के...
जानिये, आखिर क्यों अक्षय कुमार-सायना नेहवाल को  मिली नक्सलियों से धमकी

जानिये, आखिर क्यों अक्षय कुमार-सायना नेहवाल को मिली नक्सलियों से धमकी

छत्तीसगढ़ के सुकमा में 11 मार्च को हुए नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 25 जवान शहीद हो गए थे। हमले के बाद देशभर के लोगों ने शहीदों के परिवारों की मदद के लिए कदम आगे बढ़ाया। मदद करने वालों में अभिनेता अक्षय कुमार और बैडमिंटन स्टार सायना नेहवाल शामिल है, जिन्होंने शहीदों के परिवारों को आर्थिक मदद दी, लेकिन नक्सलियों को ये नागवार गुजरा।
माओवादियों के निशाने में अल्मोड़ा, धौलछीना में लगाए पोस्टर

माओवादियों के निशाने में अल्मोड़ा, धौलछीना में लगाए पोस्टर

अल्मोड़ा जिले में माओवादियों ने एक बार फिर पोस्टर, पर्चे और वॉल राइटिंग से दस्तक दी है। इस बार धौलछीना में माओवादियों ने इंटर कॉलेज, ब्लॉक मुख्यालय और साइन बोर्ड में लाल रंग से शराब विरोधी नारे लिखे। इधर पोस्टर लगने के बाद प्रशासन में खलबली मच गई है। बहरहाल पोस्टर लगाने वालों की तलाश शुरु कर दी गई है।
सैनिकों से कोई दुश्मनी नहीं, लड़ाई अमीर-गरीब की: माओवादी

सैनिकों से कोई दुश्मनी नहीं, लड़ाई अमीर-गरीब की: माओवादी

सोमवार को छत्तीसगढ़ के सुकमा में 25 जवानों के मारे जाने के बाद माओवादियों ने कहा है सैनिकों से उनकी कोई दुश्मनी नहीं है। यह लड़ाई सिर्फ अमीर और गरीब की है।
वर्दी और बंदूक के लिए बनते हैं नक्सली: अध्ययन

वर्दी और बंदूक के लिए बनते हैं नक्सली: अध्ययन

नक्सल प्रभावित राज्यों में हुए एक अध्ययन के मुताबिक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के नवयुवक सैनिकों की तरह पोशाक और हथियार के मोहवश नक्सल आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित शासकीय विज्ञान महाविद्यालय के रक्षा विज्ञान विभाग के प्रमुख गिरीश कांत पांडेय के नेतृत्व में शोधार्थियों का एक दल शोध कर रहा है और यह जानने का प्रयास कर रहा है कि युवा वर्ग नक्सली आंदोलन के प्रति क्यों आकर्षित हो रहे हैं।